सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर अपने पुराने आदेश को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने सभी याचिकाएं खारिज करते हुए सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर आश्रय स्थलों में भेजने के आदेश को बरकरार रखा।
मामले की सुनवाई विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ ने की।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अब आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले लोगों और उनकी देखभाल करने वालों की जिम्मेदारी भी तय होगी। अदालत ने कहा कि यदि कोई आवारा कुत्ता किसी व्यक्ति को काटता है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं मानी जाएगी, बल्कि उन लोगों की भी होगी जो कुत्तों की फीडिंग या देखभाल में शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद आवारा कुत्तों और उन्हें खाना खिलाने को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है।



