नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, गंभीर अपराध में शामिल लोगों को नहीं मिलेगी राहत

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है- देखना होगा कि कितने एफआईआर हैं। उनमें से कितने ऐसे लोगों पर है जिनका आपराधिक इतिहास रहा है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि न तो पुलिस की ज्यादती को बर्दाश्त किया जाएगा और न ही प्रोटेस्ट में शामिल आपराधिक तत्वों को। उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारी को बख्शा जाएगा। साथ ही प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल आपराधिक तत्वों को भी राहत नहीं दी जाएगी।

अपराधी तत्वों को नहीं मिले राहत

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया कि सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती और इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल ऐसे तत्वों को राहत नहीं दी जा सकती, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। उन्होंने कहा कि हमने याचिकाकर्ताओं से भी बात की है। हम छात्रों पर कार्रवाई नहीं चाहते। इसके लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन छात्रों के बीच जो अपराधी तत्व घुस आए थे, उन्हें राहत नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने दर्ज एफआईआर की जानकारी मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह देखना होगा कि कितने एफआईआर हैं। उनमें से कितने ऐसे लोगों पर है जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। यह भी देखना होगा कि मामले बंद करने के लिए क्या प्रक्रिया होगी। सीजेआई ने सरकार से दिल्ली और दूसरे राज्यों में दर्ज एफआईआर का पूरा ब्योरा लेने को कहा।

छात्रों के भविष्य का सवाल

सुनवाई के दौरान वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि छात्रों का भविष्य, उनके जीवन का सवाल है।  कोर्ट गाइड करे कि एफआईआर रद्द हों या फिर वापस लिए जाएं। उन्होंने पटना में 5,000 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का भी मुद्दा उठाया। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हमारा जवाब तैयार है,  लेकिन मैं खुद उसे पढ़ नहीं पाया हूं। थोड़ा समय दें।

पुलिस बल प्रयोग पर भी उठे सवाल

जस्टिस बागची ने कहा कि सरकारी वकील केस वापस ले सकते हैं। क्लोजर रिपोर्ट फाइल की जा सकती है। वहीं वकील गोपाल शंकरनारायण  ने कहा कि सरकार के हलफनामे में इन बातों का भी जवाब होना चाहिए कि वहां इतना बलप्रयोग क्यों किया गया? वहां बिना वर्दी के लोग कौन थे जो लाठी चला रहे थे? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि केतली को गर्म बनाए रखने का प्रयास न हो। हमने 2738 लोगों की जानकारी दी है। उनके खिलाफ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

आपराधिक इतिहास की परिभाषा स्पष्ट हो

एडवोकेट एएम सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले ऑर्डर के क्लैरिफ़िकेशन की ज़रूरत है। आपराधिक इतिहास शब्द लिखा गया है। इसमें ड्राइविंग ऑफ़ेंस हो सकता है। कुछ छोटे-मोटे ऑफ़ेंस हो सकते हैं। पुराने पॉलिटिकल प्रोटेस्ट भी हो सकते हैं। इस शब्द के क्लैरिफ़िकेशन की ज़रूरत है।

पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए कमेटी पर विचार

सीजेआई सूर्यकांत ने ‘आपराधिक इतिहास वाले’ प्रदर्शनकारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इसका मतलब केवल ऐसे लोग हैं, जिनके खिलाफ हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने संकेत दिया कि पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए या तो एसआईटी गठित की जा सकती है या फिर किसी रिटायर्ड की अध्यक्षता में समिति बनाई जा सकती है। हालांकि, समिति के गठन और उसके सदस्यों के नाम पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

गंभीर अपराध वालों को राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा मुकदमे वापस लेने या बंद करने के लिए कदम उठाने की बात कही गई है, लेकिन गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। मामले में एफआईआर, पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए इस्तेमाल किए गए तकनीकी माध्यमों से जुड़े मुद्दों पर कोर्ट आगे भी सुनवाई करेगा।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

आखिर कहां गया 300 किलो जिलेटिन, बड़े नेताओं के दौरे के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल?

इंदौर के बड़गोंडा से 300 किलो जिलेटिन चोरी हो गई है। बड़े नेताओं के दौरे के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में नए 18 सदस्य, पंकज त्रिपाठी और प्रीति जिंटा शामिल

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में नए 18 सदस्य शामिल हुए हैं। पंकज त्रिपाठी और प्रीति जिंटा जैसे कलाकार बोर्ड का हिस्सा बने।

नीति आयोग ने स्पष्ट किया: UPI पेमेंट चार्ज जरूरी, सरकार का जवाब भी आया सामने

नीति आयोग ने यूपीआई पेमेंट चार्ज को आवश्यक बताया है। सरकार ने 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने की पुष्टि की है।

एशियाई खेल 2026: इन पांच खेलों में भारत को सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद

एशियाई खेल 2026 में भारत को सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद पांच खेलों से है। 503 खिलाड़ियों के साथ भारत 35 खेलों में भाग लेगा।

लखनऊ जनेश्वर मिश्र पार्क हिट एंड रन केस में शहनवाज गिरफ्तार, कार बरामद

लखनऊ जनेश्वर मिश्र पार्क हिट एंड रन केस में शाहनवाज को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसकी कार भी बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान की दीवार गिरने से तीन की मौत

सांवेर में जर्जर मकान की दीवार गिरने से तीन की मौत। हादसे में दो लोग घायल, रेस्क्यू कार्य जारी है।

अमृत ग्रुप पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, इंदौर-कोलकाता में 17 ठिकानों पर छापेमारी

इंदौर-कोलकाता में अमृत ग्रुप के 17 ठिकानों पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छापेमारी की। जांच में निवेशकों से धोखाधड़ी शामिल है।

दिशा सालियान मामले में संजय राउत ने एकनाथ शिंदे और अमित शाह पर लगाए आरोप

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दिशा सालियान मामले में एकनाथ शिंदे और अमित शाह पर आरोप लगाए। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।

आईडीए में बड़ा खेला : 113 नंबर स्कीम की कृष्णा संस्था को 136 में दे दी जमीन, लोकायुक्त पहुंची शिकायत

इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कृष्णा गृह निर्माण संस्था को नियम विरुद्ध जमीन आवंटित की। लोकायुक्त में शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई है।

नितिन नवीन के कार्यक्रम के लिए आईडीए से नहीं ली कोई अनुमति, राहुल गांधी की राह में अटकाते रहे रोड़ा

इंदौर में नितिन नवीन के कार्यक्रम के लिए अनुमति विवाद छिड़ गया है। राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति मिलने के बाद भाजपा ने बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया।