भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला, और सेंसेक्स 76,917 के स्तर पर बंद हुआ। यह तेजी लगातार चौथे दिन जारी रही, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल बना। इस तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जो बाजार की मजबूती को दर्शाते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी का रुख
3 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स ने 1,225.07 अंकों की बढ़त के साथ 76,917.85 के स्तर पर बंद किया। वहीं, निफ्टी-50 सूचकांक भी 370.05 अंक चढ़कर 23,810.85 पर बंद हुआ। यह लगातार चौथे दिन बाजार में तेजी का संकेत है, जो निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।
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इस दौरान सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 25 शेयर हरे निशान पर बंद हुए, जिससे साफ हुआ कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी हुई है।

टैक्स राहत की उम्मीद ने बढ़ाई निवेशकों की उम्मीदें
भारतीय शेयर बाजार में तेजी का एक बड़ा कारण टैक्स राहत की संभावनाएं हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेशकों की मांग पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की समीक्षा करने की बात कही है। इससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।
निवेशक इस उम्मीद से उत्साहित हैं कि LTCG टैक्स में कोई बड़ा बदलाव हो सकता है, जिससे इक्विटी निवेश और आकर्षक बनेंगे। यह कदम बाजार की गति को और भी बढ़ावा दे सकता है।
विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को मजबूती
पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग ₹3,114.68 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इस निवेश ने बाजार को आवश्यक लिक्विडिटी और मजबूती प्रदान की।
विदेशी निवेशकों के भरोसे में बढ़ोतरी से भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता बनी रहती है, जो आर्थिक विकास और निवेश के लिए सकारात्मक संकेत है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर
इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें लगभग $104.8 – $105 प्रति बैरल के स्तर तक गिर गई हैं। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा है क्योंकि देश कच्चे तेल का आयात करता है।
तेल की कीमतों में गिरावट से कंपनियों की लागत कम होती है, जो मुनाफे को बढ़ाने में मदद करती है और शेयर बाजार में निवेश को आकर्षक बनाती है।
एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में मजबूत प्रदर्शन
निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स ने 3.65% की तेजी दर्ज की और यह टॉप गेनर रहा। इसके अलावा, ऑटो इंडेक्स में भी 1.71% की बढ़त देखी गई। यह संकेत है कि उपभोक्ता मांग और वाहन बिक्री में सुधार हो रहा है।
यह दोनों सेक्टर घरेलू आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनकी मजबूती से बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला है।
तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया
वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के मजबूत कॉरपोरेट आय नतीजों ने बाजार में विश्वास बढ़ाया है। कई बड़ी कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिले।
इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में भी बाजार में तेजी का रुख जारी रहेगा।



