30 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 308 अंक उछलकर 74,459.53 पर बंद हुआ और निफ्टी 23,053.10 के स्तर पर बंद होकर लगातार दूसरी तेजी दर्ज की गई। इस दौरान बाजार में आईटी और फार्मा सेक्टर की बढ़त ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। हालांकि, व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव भी नजर आया।
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरी तेजी
भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी का दौर जारी रहा। सेंसेक्स ने 308.49 अंक की बढ़त के साथ 74,459.53 के स्तर पर बंद किया। वहीं निफ्टी 116.35 अंक उछलकर 23,053.10 पर पहुंच गया। पिछले दो दिनों में सेंसेक्स कुल 1,213 अंक और निफ्टी 1.6% मजबूत हुआ है। शुरुआत में सेंसेक्स ने 74,742.59 और निफ्टी ने 23,118.10 का उच्चतम स्तर छुआ, हालांकि बाद में थोड़ा नीचे आ गया। इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना पैदा की है।
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आईटी और फार्मा सेक्टर में तेजी का असर
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर में 2.32% और फार्मा/हेल्थकेयर सेक्टर में 1.58% की बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में बदलाव के कारण इन सेक्टर्स को समर्थन मिला। खासकर इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और सन फार्मा जैसे बड़े नामों ने बाजार को मजबूती दी। फार्मा सेक्टर में बेहतर तिमाही नतीजों और डिमांड के चलते निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
बाजार की व्यापकता में गिरावट के संकेत
हालांकि लार्जकैप शेयरों में तेजी देखने को मिली, लेकिन ब्रॉड मार्केट में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.93% गिरकर 57,301.25 पर बंद हुआ। वहीं स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.85% गिरावट के साथ 18,463.60 पर बंद हुआ। NSE पर कुल 3,633 शेयरों में से 2,511 शेयर गिरावट में रहे, जबकि केवल 1,013 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इस स्थिति ने बाजार की मिक्स्ड सोच को दर्शाया।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत $113.42 से बढ़कर $117 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। इससे बाजार में अस्थिरता बनी रही। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से ऊर्जा संबंधित सेक्टर्स पर दबाव पड़ा। निवेशक इस तनाव के संभावित प्रभावों के लिए सतर्क नजर आए।
टॉप गेनर्स और लॉसर्स की स्थिति
आज के कारोबार में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और इंफोसिस प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। वहीं, अडानी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोल इंडिया में गिरावट देखी गई। इन कंपनियों के शेयरों में कमी के पीछे विभिन्न सेक्टर्स की कमजोर मांग और वैश्विक अनिश्चितताएं जिम्मेदार रहीं।
शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा और आगे की संभावना
निवेशकों ने हाल के दिनों में बढ़ी महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते सतर्क रुख अपनाया है। हालांकि, ब्याज दरों के स्थिर रहने और तिमाही नतीजों में सुधार के कारण बाजार में सकारात्मकता बनी हुई है। भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। निवेशक फिलहाल मुनाफावसूली के साथ-साथ चुनिंदा सेक्टर्स में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।



