भोपाल में मोहन कैबिनेट की बैठक में 23 हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। यह बैठक 3 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कुल 23,228 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मोहन कैबिनेट की बैठक में वित्तीय स्वीकृति का विस्तार
इस बैठक में नगरीय विकास एवं आवास, वन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा जल संसाधन विभाग की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री अधोसंरचना निर्माण, चार सिंचाई परियोजनाएं और अस्पताल सुदृढ़ीकरण जैसे बड़े कार्यक्रमों के लिए बजट आवंटित किया गया। इसके अलावा, 2,050 करोड़ रुपये की वन विभाग की कैंपा योजना और 350 करोड़ रुपये आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के लिए भी मंजूर किए गए।
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यह वित्तीय स्वीकृति प्रदेश के विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित करेगी और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक होगी।

धान उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई
कैबिनेट ने किसानों के हित में धान उपार्जन के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि को 4 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला लिया। इससे किसानों को अपने उत्पाद को पंजीकृत कराने का अतिरिक्त समय मिलेगा और उन्हें बेहतर लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह कदम राज्य सरकार की कृषि सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
धान उपार्जन प्रक्रिया में यह विस्तार किसानों की आय बढ़ाने और फसल की बिक्री को व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।
वन्यजीव प्रबंधन में नई तकनीकों का उपयोग
बैठक में वन्यजीव प्रबंधन के तहत नीलगायों और हिरणों के स्थानांतरण के लिए अफ्रीका के विशेषज्ञों द्वारा बोमा पद्धति का प्रशिक्षण प्रदान करने पर चर्चा हुई। इस पद्धति से वन विभाग के कर्मचारी सुरक्षित और प्रभावी तरीके से वन्यजीवों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर रहे हैं।
अब तक लगभग 2,000 नीलगाय और हिरणों को प्रदेश के विभिन्न अभयारण्यों में छोड़ा जा चुका है, जिससे वन्यजीव संरक्षण में सुधार हुआ है। यह पहल प्रदेश के पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कैबिनेट की अगली बैठक गांधीसागर में होगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की अगली बैठक 18 नवंबर को गांधीसागर में आयोजित करने की घोषणा की। यह निर्णय सरकार की कोशिशों का हिस्सा है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बैठकों का आयोजन कर स्थानीय विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस पहल से स्थानीय समस्याओं की बेहतर समझ होगी और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। गांधीसागर में बैठक के आयोजन से क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
दीपावली पर मिट्टी के दीपकों के उपयोग का प्रोत्साहन
कैबिनेट ने दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीपकों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। यह निर्णय स्थानीय कुम्हारों और दीपक निर्माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
मिट्टी के दीपकों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण भी होगा और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कम बारिश वाले जिलों में विशेष जल प्रबंधन पर चर्चा
बैठक में प्रदेश के कम बारिश वाले 12 जिलों की स्थिति पर भी ध्यान दिया गया। इन जिलों में पेयजल और किसानों की सिंचाई जरूरतों को लेकर विशेष प्रबंध करने पर सहमति बनी।
सरकार सूखे की स्थिति से निपटने के लिए विशेष सहायता और जल संसाधन विभाग के माध्यम से योजनाएं लागू करेगी। इससे किसानों को राहत मिलेगी और कृषि उत्पादन में निरंतरता बनी रहेगी।



