अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि “वोट चोरी नहीं हुई, बल्कि जनता ने वोट देना बंद कर दिया है”। यह बयान उन्होंने 3 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय ‘कमलम’ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट चोरी के आरोपों के कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी से मांगे वोट चोरी के सबूत
अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोप निराधार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से और कांग्रेस पार्टी से इस तरह के आरोपों के ठोस सबूत पेश करने की मांग की। उनका कहना था कि बिना सबूत के चुनाव संस्थाओं पर आरोप लगाना देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाता है।
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ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग, ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक संस्थाओं पर कांग्रेस का लगातार निशाना गलत है। वे चुनाव हारने के बाद आत्मचिंतन करने के बजाय इन संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

मतदाता सूची के आंकड़ों से कांग्रेस के दावों पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में 17 करोड़ 38 लाख नए वोटर बने हैं। उन्होंने विपक्ष के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए। ठाकुर ने कहा कि अगर ऐसा होता तो देशभर में हाहाकार मच जाता।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी कांग्रेस के विरोध पर सवाल किया। ठाकुर ने बताया कि बिहार में जब SIR की प्रक्रिया हुई थी, तब कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं थी। इसलिए अब कांग्रेस के विरोध के पीछे कोई अन्य मकसद नजर आता है।
ईवीएम और मतदाता सूची विवाद पर केरल का उदाहरण दिया
अनुराग ठाकुर ने चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल का इतिहास भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि भारत में ईवीएम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में हुई थी। इस संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा।
साथ ही उन्होंने केरल में SIR को लेकर उठाए गए आरोपों पर भी सवाल किया कि क्या वहां के मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे। उनका यह बयान कांग्रेस की दलीलों को कमजोर करता है।
शिमला कीपदयात्रा में भी राहुल गांधी पर कसा था तंज
इससे पहले 1 नवंबर 2026 को शिमला में आयोजित भाजपा की पदयात्रा के दौरान अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि उनके पास वोट चोरी के कोई सबूत नहीं हैं और वे केवल अपनी “फीलिंग” के आधार पर आरोप लगा रहे हैं।
ठाकुर के इस बयान ने कांग्रेस के आरोपों को कमजोर करने का प्रयास किया है। भाजपा इसे सत्ता वापसी की तैयारी भी मान रही है।
लोकतंत्र में मतदाता विश्वास की अहमियत
वोट चोरी के आरोप लोकतंत्र की नींव पर सवाल खड़े करते हैं। इसलिए ऐसे मुद्दों पर ठोस सबूत होना बेहद जरूरी है। अनुराग ठाकुर के बयान से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा मतदाता विश्वास को बनाए रखने के पक्ष में है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को सम्मान देना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। यह संवाद आगे भी जारी रहने की संभावना है।



