बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के एक वायरल वीडियो ने बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। इस वीडियो में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी में करोड़ों रुपये लेकर टिकट और मंत्री पद बांटे गए।
शिवहर-सीतामढ़ी इलाके का बताया जा रहा यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आनंद मोहन बेहद नाराज अंदाज में कहते दिखाई दे रहे हैं कि निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया क्योंकि “पिता-पुत्र दोनों को डॉक्टर की जरूरत है।”
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उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में टिकट करोड़ों रुपये में बेचे गए और बाद में मंत्री पद देने के लिए भी भारी रकम ली गई। इतना ही नहीं, उन्होंने जदयू के कुछ नेताओं को “चंडाल चौकड़ी” बताते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
आनंद मोहन ने कहा,
“यह सिर्फ नीतीश कुमार का सफाया नहीं है, बल्कि पिछड़ों के राज को खत्म करने की साजिश है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी नीतीश कुमार के खिलाफ कई साजिशें हुईं, लेकिन वे कभी झुके नहीं। हालांकि इस बार “रातोंरात साजिश के तहत सरकार बदल दी गई।”
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आनंद मोहन अपने विधायक बेटे चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज हैं। उनकी पत्नी शिवहर से जदयू सांसद हैं और आनंद मोहन को लंबे समय से नीतीश कुमार का करीबी माना जाता रहा है।
वीडियो में उन्होंने यह तक कह दिया कि पार्टी अब “थैली की पार्टी” बन चुकी है। उनका दावा है कि सरकार बचाने में उनके परिवार की बड़ी भूमिका रही, लेकिन अब उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
फिलहाल जदयू की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन आनंद मोहन के बयानों ने बिहार की सियासत में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद पार्टी का एक बड़ा धड़ा अंदरखाने नाराज चल रहा है।



