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इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने विकास खंड श्रोत समन्वयक, इंदौर अर्बन -2 माता प्रसाद गौड को 13 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा। आरोपी ने एक स्कूल की मान्यता बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर के एसपी राजेश सहाय ने बताया कि आशुतोष सैनी, संचालक रामकृष्ण परमहंस विद्यालय, तिलक नगर, इंदौर ने उनसे शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि मेरे स्कूल की मान्यता मैं 3 वर्ष की समय वृद्धि करने का आवेदन शिक्षा विभाग में दिया था। बीआरसी द्वारा अपनी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट देने के एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत की माग की गई। सत्यापन में आरोपी द्वारा 18 हजार की मांग की और 5 हजार रुपए भी ले लिए। शिकायत सही पाए जाने पर आज 25 मार्च को ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी द्वारा आवेदक से रिश्वत राशि 13 हजार रुपए प्राप्त करने पर आरोपी को रंगेहाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रैप दल में डीएसपी सुनील तालान, निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक अनिल परमार,आरक्षक चेतन परिहार, आरक्षक शिव पाराशर, कृष्णा एवं आदित्य भदौरिया शामिल थे।



