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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस को विधायकों ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में चिड़िया चुग गई खेत की सांकेतिक झांकी के साथ मार्च निकाला। इधर, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना को चक्कर आ गया और बेहोश हो गए।
आज विधानसभा में प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान खाद से लेकर खरीदी के उचित मूल्य और प्राकृतिक आपदाओं के मुआवज़े तक हर स्तर पर परेशान है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता बार–बार सरकारी दफ्तरों में चक्कर काट रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष केवल भावांतर और योजनाओं के खोखले दावे दोहराता रहा। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर पाई भाजपा सरकार रूपी चिड़िया किसानों के खेत पहले ही साफ कर चुकी है। अतिवृष्टि से नुकसान, फिर भी मुआवजा नहीं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि अतिवृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन सरकार मुआवज़ा देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में उचित दाम नहीं मिल रहे और खाद की किल्लत बदस्तूर जारी है।
तख्तियां और झांकियां लेकर पहुंचे कांग्रेसी
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने खेतों में खराब फसल की स्थिति दर्शाती तख्तियां भी दिखाईं, जिससे किसानों की वास्तविक दशा को सामने रखा गया। कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा सरकार की असफल कृषि नीतियों ने किसानों को कर्ज, नुकसान और असुरक्षा के चक्र में धकेल दिया है। कांग्रेस विधायक दल ने स्पष्ट किया कि वे किसानों के अधिकारों की लड़ाई को सदन से सड़क तक हर स्तर पर जारी रखेंगे। दल ने कहा कि अन्नदाता के मुद्दों को तब तक उठाया जाएगा, जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती।
कृषि मंत्री के बेहोश होने से रुकी कार्यवाही
विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना को चक्कर आ गया। उनके बेहोश होने के चलते कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। मुख्यमंत्री जब सदन में प्रवेश कर रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि कंसाना बेहोश हैं। वे तुरंत कंसाना के पास गए। इसके बाद स्पीकर और बाकी लोग वहां पहुंचे। फिर उन्हें एम्बुलेंस से ले जाया गया।



