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इंदौर। कुछ विभाग और कुछ अधिकारी ऐसे हैं जिस पर सरकार के आदेशों का कोई असर नहीं होता। वे खुद को सरकार से ऊपर समझने लगते हैं। इनमें से एक हैं सहकारिता विभाग इंदौर के सहायक आयुक्त अजयपालसिंह बिलोदिया। ट्रांसफर और रिलीव होने के बाद भी बिलोदिया इंदौर में जमे हुए हैं और सामान्य कामकाज कर रहे हैं।
17 जून को श्योपुर हुआ था ट्रांसफर
मध्यप्रदेश सरकार ने 17 जून 2025 बिलोदिया का ट्रांसफर इंदौर से श्योपुर कर दिया था, लेकिन ये बीमारी का बहाना बनाकर नहीं गए। किसी भी तरह ट्रांसफर रुकवाने की कोशिश करते रहे। कोर्ट-कचहरी का भी सहारा लिया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद भी ये इंदौर में न केवल जमे रहे, बल्कि काम भी करते रहे।
जेआर ने 14 अक्टूबर को किया रिलीव
खास बात यह कि 17 जून को ट्रांसफर होने के बाद भी जेआर बीआर मकवाना की कृपा से बिलोदिया यहीं जमे रहे। बाद में जब विभागीय पत्र व्यवहार होने लगा तथा जवाब तलब किया जाने लगा तो मकवाना ने 14 अक्टूबर 25 को उन्हें इंदौर से रिलीव कर दिया। इसके बाद भी बिलोदिया इंदौर में ही हैं।
अमित शाह की योजना को लगा रहे पलीता
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह विभाग की व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद बिलोदिया के कारण श्योपुर में जून से कोई अधिकारी नहीं है। बताया जाता है कि बिलोदिया को जेआर बीएल मकवाना का संरक्षण प्राप्त है, जो पूर्व विधायक के भाई हैं। मकवाना के भाजपा में अच्छे संबंध हैं, इसलिए वे बिलोदिया को बचाते आ रहे हैं।
रिलीव होने के बाद भी कर रहे काम
सूत्र बताते हैं कि बिलोदिया को मकवाना ने रिलीव तो कर दिया, लेकिन उनकी कृपा से आज भी बिलोदिया ऑफिस में बैठकर न केवल काम कर रहे हैं, बल्कि आदेश भी पास कर रहे हैं। अभी हाल ही में डीआर मनोज जायसवाल की समीक्षा बैठक में पता चला कि बिलोदिया ने पुरानी तारीखों में चार गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट नोट पास किए हैं। इतना ही नहीं 4 दिसंबर 25 को बिलोदिया श्रमिक सहकारी बैंक में काम करते देखे गए।
खरगोन के ऑडिटर को इंदौर में बना दिया परिसमापक
सूत्र बताते हैं कि जेआर डीआर मकवाना ने तिलहन संघ खड़गोन से आए ऑडिटर भूषण जड़े को महाराष्ट्र ब्राम्हण सहकारी बैंक में परिसमापक नियुक्त कर दिया है। जबकि उनकी पदस्थापना खड़गोन में है। इतना ही नहीं अवंतिका सूत मिल सनावद, जिला खरगोन का प्रबधक गुप्ता भी यहीं इंदौर के जेआर ऑफिस में काम कर रहा है।



