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उमर अब्दुल्लाह का केंद्र से आग्रह: जम्मू-कश्मीर को स्टेटहुड लौटाना होगा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार को अपने वादे पूरे करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि स्टेटहुड जम्मू-कश्मीर के लोगों और सुप्रीम कोर्ट से किया गया वादा है, न कि कोई एहसान।

केंद्र से वादा निभाने की मांग
पत्रकारों से बातचीत में उमर अब्दुल्लाह ने कहा:
- “हालात बिगड़ने में समय नहीं लगता और हम नहीं चाहेंगे कि यहां दोबारा बेगुनाहों का खून बहाया जाए।”
- “सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि पहले डिलिमिटेशन होगा, फिर चुनाव और उसके बाद स्टेटहुड बहाल किया जाएगा। पहले दो वादे पूरे हो चुके हैं, अब तीसरा भी पूरा होना चाहिए।”
उन्होंने चेताया कि लोग अभी सब्र से काम ले रहे हैं, लेकिन इसका नाजायज़ फ़ायदा नहीं उठाना चाहिए।
लद्दाख पर टिप्पणी
लद्दाख को लेकर उन्होंने कहा:
- यूटी बनने से पहले भी हम लद्दाख के लोगों से कहते रहे कि आप जो मांग कर रहे हैं, कहीं ऐसा न हो कि आपकी हालत और बिगड़ जाए।
- हकीकत यही है कि उन्हें यूटी मिला, लेकिन उनकी बेहतरी नहीं हुई, बल्कि नुक़सान हुआ।
हालिया झड़प और गिरफ्तारी
बीते दिनों लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई।
- इसमें चार लोगों की मौत हो गई।
- 59 से अधिक लोग घायल हुए।
इस घटना के बाद शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके गांव से गिरफ्तार कर लिया गया।



