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चीन के बांध के जवाब में भारत का बड़ा कदम: ब्रह्मपुत्र घाटी में 6.42 लाख करोड़ की जलविद्युत परियोजना
चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाए जाने के जवाब में भारत ने एक बड़ी जलविद्युत परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। इस परियोजना का लक्ष्य ब्रह्मपुत्र घाटी से 65 गीगावाट बिजली उत्पादन करना है, जिस पर 6.42 लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

2035 तक 12 उप-बेसिनों से बिजली उत्पादन का लक्ष्य
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा तैयार मास्टर प्लान के अनुसार, 2035 तक 12 उप-बेसिनों से बिजली निकालने के लिए 10,000 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जाएंगी।
इस योजना में पूर्वोत्तर भारत की 208 बड़ी पनबिजली परियोजनाएं शामिल हैं, जो देश के नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
ट्रांसमिशन और पंप स्टोरेज सिस्टम की योजना
ब्रह्मपुत्र घाटी में उपलब्ध प्रचुर जलविद्युत क्षमता को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने एक व्यापक ट्रांसमिशन प्रणाली की योजना बनाई है।
मास्टर प्लान में 11,130 मेगावाट की पंप स्टोरेज जलविद्युत क्षमता को अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली (ISTS) में शामिल करने का भी प्रस्ताव है।
यह परियोजना भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूत करेगी और पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।



