👉 यह भी पढ़ें:
- उत्तर 24 परगना में अमोनिया गैस लीक: बर्फ कारखाने से 25 ग्रामीण बीमार, सड़क पर उतरे लोग
- दुनिया की निगाहें ईरान संकट पर, पांच महीने से जारी संघर्ष ने बढ़ाई आर्थिक चिंता; तेल और खाद्य कीमतों पर असर का खतरा
- Hormuz Strait Rules Changed: ईरान का बड़ा फैसला! अब बिना परमिट नहीं गुजर पाएंगे जहाज, क्या पड़ेगा तेल की कीमत पर असर
- Iran-US Tension: भारतीय जहाज़ों पर हमलों से बढ़ा संकट, ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप
- तेल और गैस संकट की खबरों पर एचपीसीएल का बड़ा बयान, कहा– देशभर में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
- ईरान युद्ध के बीच तेल संकट गहराया, अमेरिका ने रूसी तेल पर दी राहत
0:00 left
तनाव के बीच राहत: तेल और गैस से भरे जहाज सुरक्षित पहुंचे , देश की आपूर्ति मजबूत
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर आई है। देश के लिए रसोई गैस और कच्चा तेल लेकर आए भारतीय ध्वज वाले जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुँच गए हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई है।
कतर के रास लाफान बंदरगाह से 46 हजार टन रसोई गैस लेकर चला “शिवालिक” नाम का जहाज नौ दिन की यात्रा के बाद सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह पहुँचा। इसी तरह लगभग 46 हजार टन गैस लेकर आ रहा “नंदा देवी” जहाज मंगलवार सुबह कांडला बंदरगाह पहुँचने वाला है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से रवाना हुआ “जग लाडकी” नाम का जहाज मंगलवार दोपहर तक मुंद्रा पहुँचने की उम्मीद है। यह जहाज करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है। खास बात यह है कि यह उसी दिन रवाना हुआ था, जब फुजैरा के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था।
सरकार ने बताया है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सरकार ने सभी प्रमुख बंदरगाहों को जहाज़ों की आवाजाही पर नजर रखने और माल उतारने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत लंगर, ठहराव और भंडारण शुल्क में रियायत दी जा रही है, साथ ही जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर अस्थायी स्थानांतरण की सुविधा भी दी गई है।



