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भारतीय अर्थव्यवस्था की तेजी: 2026 तक चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना
उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई ने अनुमान लगाया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 6.8% और 2025-26 में 7.7% की दर से वृद्धि कर सकती है। पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि मजबूत आर्थिक प्रगति के चलते भारत 2026 तक जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
पीएचडीसीसीआई ने कहा कि जहां कई वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं धीमी वृद्धि का सामना कर रही हैं, वहीं भारत ने अपनी ठोस आर्थिक नीतियों और सरकारी सुधारों के दम पर उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है। उद्योग मंडल के उप महासचिव एसपी शर्मा ने कहा कि खुदरा महंगाई में कमी आ रही है, जो चालू वित्त वर्ष में 4.5% तक गिरने की संभावना है और अगले कुछ समय में 2.5% से 4% के बीच रह सकती है।
आरबीआई और नीतिगत बदलाव की संभावना
महंगाई में कमी के मद्देनजर, आरबीआई आगामी फरवरी की मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में 0.25% की कटौती कर सकता है। इससे कर्ज सस्ता होने के साथ-साथ खपत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
बजट में सुधार की सिफारिशें
पीएचडीसीसीआई ने आगामी बजट के लिए सुझाव देते हुए कहा है कि आयकर की उच्चतम दर केवल 40 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय पर लागू होनी चाहिए। साथ ही आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना चाहिए।
उद्योग मंडल ने कहा कि 15 लाख रुपये की आय को मध्यम आय श्रेणी में रखा जाना चाहिए और इस पर उच्चतम दर नहीं लगाई जानी चाहिए। यदि भारत उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था है, तो उच्चतम कर दर 25% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उपभोग बढ़ाने पर जोर
उद्योग मंडल का मानना है कि लोगों की आय बढ़ाकर खपत को प्रोत्साहित करना आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के बीच उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा रहा है।
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