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मायावती का बड़ा फैसला: अब बसपा स्मारकों पर नहीं मनाई जाएंगी जयंती और पुण्यतिथि
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की कि अब पार्टी के स्मारक स्थलों पर उनकी जयंती या पुण्यतिथि जैसे कार्यक्रम नहीं आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे पार्टी को और मजबूती मिल सके।

मायावती ने एक्स पर लिखा कि बसपा सरकारों ने बहुजन समाज के महापुरुषों—ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायण गुरु, डॉ. भीमराव आंबेडकर, कांशीराम—को वह सम्मान दिया, जिसकी अन्य जातिवादी पार्टियों ने उपेक्षा की थी।
लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में बसपा शासनकाल के दौरान इन महापुरुषों की स्मृति में बने भव्य स्मारक, स्थल और पार्क अब करोड़ों अनुयायियों के लिए तीर्थस्थल बन चुके हैं। जयंती और पुण्यतिथि पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
मायावती ने कहा कि उनके इन स्थलों पर जाने से सुरक्षा व्यवस्थाओं के चलते भीड़ को असुविधा होती है और उन्हें मुख्य स्थल से दूर रोका जाता है—इसी कारण यह फैसला लिया गया है।



