इंदौर। इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुंवशी की जमानत रद्द कराने के लिए मेघालय सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। राज्य सरकार की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत बरकरार रहने की सूरत में सोनम के फरार होने की आशंका जाहिर करते हुए कल ही तत्काल सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने कल यानी शुक्रवार को सुनवाई का भरोसा दिया।
निचली अदालत ने दी थी जमानत
उल्लेखनीय है कि सोनम रघुवंशी को शिलांग की निचली अदालत ने अप्रैल में जमानत दी थी। इसके खिलाफ मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन 29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने इस जमानत को बरकरार रखा था।
👉 यह भी पढ़ें:
- Raja Raghuvanshi Murder Case : सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की सोनम रघुवंशी की जमानत, वापस जाना होगा जेल
- Raja Raghuvanshi Murder Case : सुप्रीम कोर्ट ने सोनम से कहा-सरेंडर करो वरना जमानत रद्द कर देंगे
- Ketan Agarwal Murder Case : केतन की मां ने पीएम मोदी को भेजा ईमेल, कहा-मेरे बेटे को इंसाफ दिलाइए
- Raja Raghuvanshi Murder Case : सुप्रीम कोर्ट में सोनम ने खुद को निर्दोष बताया, अब 14 जुलाई को होगी सुनवाई
- Raja Raghuvanshi Murder Case : राजा रघुवंशी की हत्या के आरोपी सोनम को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जमानत पर नहीं लगी रोक
- Ketan Agarwal Murder Case : सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, हत्या से पहले एक पहाड़ी पर किया था रिहर्सल
तुषार मेहता ने रखा सरकार का पक्ष
गुरुवार को मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एम एम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन बेंच के सामने रखा। सरकार की ओर से तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी महिला को सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई, क्योंकि कोर्ट में माना कि गिरफ्तारी के वक्त उसे गिरफ्तारी के कारण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी महिला को सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि गिरफ्तारी के दस्तावेज में एक कानूनी धारा का नंबर लिखने में टाइपिंग की गलती थी।
पुलिस ने सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया
कोर्ट से सोनम को जमानत इसलिए मिल गई क्योंकि गिरफ्तारी के समय पुलिस की ओर से कानूनी प्रक्रिया का सही पालन नहीं होना उसकी जमानत का आधार बना। हाई कोर्ट ने माना कि सोनम को गिरफ्तारी के समय कानून के मुताबित स्पष्ट रूप से लिखित रूप में गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए थे। मेघालय हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सोनम को गिरफ्तारी के कारण बताने के लिए 9 जून 2025 को जो दस्तावेज दिया गया था, उसे बिना ठीक से जांच-पड़ताल और सोच-विचार के तैयार किया गया था। उसमें ऐसे आरोप भी लिख दिए गए थे, जिनका इस मामले से कोई संबंध नहीं था। गिरफ्तारी के दस्तावेज में गलत धारा का जिक्र भी किया गया था।
पिछले साल हनीमून पर हुई थी हत्या
उल्लेखनीय है कि राजा रघुवंशी मई 2025 में अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों एक होमस्टे से चेक-आउट करने के बाद लापता हो गए। कुछ समय बाद राजा का शव सोहरा (चेरापूंजी) के पास एक गहरी खाई में मिला। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ था। इस मामले में शिलां पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि सोनम सहित कुछ आरोपी जमानत पर बाहर हैं, जबकि कुछ अभी भी जेल में हैं।



