NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात जारी वीडियो संदेश के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। पीएम मोदी ने वीडियो के जरिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए साफ कहा कि पेपर लीक के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर आकर बयान देना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार की कार्रवाई और आगे की रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अधिकारियों ने पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से संबंधित एक मसौदा तैयार किया है।
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पीएम मोदी के मुताबिक, अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया यह मसौदा उन्हें सौंपा जा चुका है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी और केंद्रीय मंत्रियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सरकार की कोशिश होगी कि संबंधित विधेयक को जल्द से जल्द संसद से पारित कराया जाए।
प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री से संसद में बयान देने की मांग की। खरगे ने कहा कि जब संसद चल रही होती है, तब प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो जारी कर संसद के बाहर अपनी बात रखनी चाहिए।
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि उन्हें संसद में आने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी की ओर से उठाई गई मांगों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, जिन पर छात्रों की आवाज दबाने के लिए कथित तौर पर लाठी-डंडे और पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं।
खरगे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले सरकार को छात्रों के प्रति जवाबदेही तय करनी होगी और कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह संसद और सड़क से लेकर राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर केंद्र सरकार पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुड़े प्रस्ताव को किस रूप में आगे बढ़ाती है और संसद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच किस तरह की चर्चा होती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कौन से ठोस कदम उठाती है।
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