सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने उनसे डॉक्टरों की सलाह मानने और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की। वहीं, वांगचुक के अनशन खत्म करने के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहने की बात सामने आई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद सोशल मीडिया पर संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि सोनम वांगचुक को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या बनाए रखनी चाहिए और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन हासिल करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना भी की।
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26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून से अपना अनशन शुरू किया था और 26 दिनों के बाद इसे समाप्त किया। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अनशन समाप्त करने के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के अलावा लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता, डॉक्टर और वांगचुक के परिवार के सदस्य मौजूद थे।
मंत्रियों ने सोनम वांगचुक को एक कप से घूंट पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। अनशन तोड़ने के दौरान वांगचुक ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों का हाथ थामा और कहा कि वे अनशन समाप्त करके बेहद आभारी और खुश हैं।
PM मोदी ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। पीएम मोदी ने अपने संदेश में वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह के अनुसार दिनचर्या रखने और स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान देने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक स्वस्थ रहें।
पीएम मोदी की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर जहां वांगचुक के समर्थकों ने उनके अनशन समाप्त करने पर राहत जताई है, वहीं दूसरी ओर आंदोलन से जुड़े कुछ संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर राहत व्यक्त की और उनके साहस की सराहना की।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।
इस घटनाक्रम के बाद अब शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। सोनम वांगचुक का अनशन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इससे जुड़े मुद्दों और विभिन्न संगठनों की मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और आंदोलन से जुड़े पक्षों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
आपकी राय क्या है?
क्या आपको लगता है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रखना उचित है? इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है—कमेंट में जरूर बताएं और अपनी बात खुलकर रखें।



