रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में ऐसे खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस जांच के मुताबिक, इस हमले की कथित साजिश भारत से हजारों किलोमीटर दूर दुबई में रची गई थी और इसके तार एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित अमन अंसारी, सैफ अंसारी और अयान खान से पूछताछ में पता चला कि लोहरदगा निवासी अमन अंसारी को RSS कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दुबई में बैठे एक व्यक्ति द्वारा दिया गया था।
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इस बीच मामले ने तब और सनसनीखेज मोड़ ले लिया जब गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसे मांडर के पास दोबारा पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि दुबई में रहने वाला शाहबाज आलम उर्फ भट्टी इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, भट्टी और उसके सहयोगियों के संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हमले के दौरान घटना का वीडियो बनाया गया था, जिसे कथित रूप से विदेश में बैठे संपर्कों तक पहुंचाया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अमन अंसारी पहले दुबई में एसी तकनीशियन के तौर पर काम करता था और वहीं उसकी मुलाकात भट्टी से हुई थी। भारत लौटने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बने रहने की बात सामने आई है। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। रांची सहित कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की गहन जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।



