नांदेड़। नांदेड़ के गुरुद्वारा में सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला, हमलावर हिरासत में इस हमले में बादल के हाथ में चोट लगी। घटना के तत्काल बाद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को काबू में लिया और बादल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बताया जाता है कि बादल अपने परिवार के साथ नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब कौर में माथा टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान निहंग के भेष में आए एक शख्स ने उन पर कृपाण से हमला कर दिया। आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के तौर पर हुई है।
👉 यह भी पढ़ें:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला! अज्ञात प्रोजेक्टाइल से इंजन रूम क्षतिग्रस्त
- नांदेड़ हमले के बाद बोले सुखबीर सिंह बादल, कहा- मैं डरता नहीं हूं
- Red Sea Ship Attack: यमन के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला, समुद्र में डूबा MSV Faize Noore Olya; 13 भारतीय नाविक समेत सभी 14 सुरक्षित
- US-Iran War: इराक में नया मोर्चा, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला; होर्मुज में 6,000 नाविक फंसे
- ईरान का अमेरिका पर बड़ा हमला: जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता; ट्रंप ने फिर बरसाए बम
- Hormuz Strait Attack: होर्मुज में तेल टैंकर पर मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने ईरानी राजनयिकों को किया तलब
बाएं हाथ में लगी है चोट
जानकारी के मुताबिक, हमले में सुखबीर सिंह बादल के बाएं हाथ में चोट लगी है। घटना के तत्काल बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार खतरे की कोई बात नहीं है। उनकी सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हमले से पहले की बहस
बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर बहस के दौरान आरोपी ने कृपाण से सुखबीर सिंह बादल पर वार किया. हालांकि, घटना की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने हमले के बाद जसपाल सिंह को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान जसपाल सिंह ने बताया कि उसे बस लगा इस वजह से उसने हमला कर दिया। हालांकि, पुलिस आरोपी के इस बयान से संतुष्ट नहीं है। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।
पहले भी हो चुका है बादल पर हमला
इससे पहले भी सुखबीर सिंह बादल पर हमला हो चुका है। दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में पूर्व डिप्टी सीएम पर गोली चलाने की कोशिश की गई थी। यह घटना उस वक्त हुई थी, जब बादल अकाल तख्त की सजा के बाद स्वर्ण मंदिर के बाहर सेवा कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया था और गोली सुखबीर बादल को नहीं लगी थी। हमलावर की पहचान नारायण सिंह चौड़ा के तौर पर हुई थी।



