अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, व्हाइट हाउस के बाहर हमला करने वाले २१ वर्षीय युवक की पहचान नासिरे बेस्ट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नासिरे कोई प्रशिक्षित आतंकी या पेशेवर हमलावर नहीं था, बल्कि वह लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसे यह भ्रम था कि वह स्वयं ईसा मसीह है।
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, नासिरे बेस्ट पहले से ही अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। इससे पहले भी उसे व्हाइट हाउस के पास यातायात बाधित करने और निषिद्ध उच्च सुरक्षा क्षेत्र में जबरन घुसने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका था। पुराने अभिलेखों में दर्ज है कि पूछताछ के दौरान उसने खुद को ईसा मसीह बताया था और कहा था कि वह जानबूझकर ऐसी हरकतें करता है ताकि पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले। उसकी गतिविधियों को देखते हुए अदालत ने व्हाइट हाउस के आसपास के पूरे क्षेत्र में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
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यह घटना शनिवार शाम स्थानीय समयानुसार लगभग छह बजे व्हाइट हाउस परिसर के बाहर १७वें मार्ग और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के निकट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नासिरे बेस्ट काफी देर तक संदिग्ध अवस्था में इलाके में घूमता रहा। इससे पहले कि सुरक्षाकर्मी पूरी तरह सतर्क हो पाते, उसने अचानक अपने बैग से एक पिस्तौल निकाली और सुरक्षा चौकी पर तैनात गुप्त सुरक्षा सेवा के अधिकारियों पर सीधे निशाना साधते हुए तीन गोलियां चला दीं।
अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा एजेंटों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर पर लगातार गोलियां चलाईं। बताया गया है कि सुरक्षाकर्मियों ने उसे काबू करने के लिए लगभग तीस गोलियां दागीं। कई गोलियां लगने से नासिरे गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। बाद में उसे जॉर्ज वॉशिंगटन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।



