केंद्रीय जांच ब्यूरो ने नीट 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार स्कूल प्रधानाचार्या मनीषा हवलदार को लेकर अदालत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि मनीषा हवलदार ने अपनी याददाश्त के आधार पर भौतिकी विषय के प्रश्न दोबारा तैयार किए और उन्हें एक छात्र तक पहुंचाया था। गिरफ्तारी के बाद आगे की पूछताछ के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ में मनीषा हवलदार ने स्वीकार किया कि अप्रैल महीने में उन्होंने स्मृति के आधार पर भौतिकी के प्रश्न तैयार किए थे। जिन छात्रों तक यह सामग्री पहुंचाई गई, उनमें से एक की पहचान भी कर ली गई है।
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हवलदार ने दावा किया है कि उसने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के एक रसायन विज्ञान विशेषज्ञ के निर्देश पर यह काम किया। सह-आरोपी मनीषा मंधारे के कहने पर प्रश्नों का यह सेट एक संदेश भेजने वाले माध्यम के जरिए अन्य लोगों तक पहुंचाया गया। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि सामग्री आगे भेजने के लिए उसने अपने और अपने पति, दोनों के मोबाइल फोनों का इस्तेमाल किया था।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि हवलदार ने हाथ से लिखे प्रश्न तैयार करने और उन्हें छात्रों तक डिजिटल तथा मुद्रित, दोनों रूपों में पहुंचाने की बात भी स्वीकार की है।
शुक्रवार को सदाशिव पेठ स्थित हवलदार के घर पर छापेमारी की गई। इस दौरान कई नीट-स्नातक प्रश्नपत्र बरामद हुए, जिनमें मराठी-अंग्रेजी मुख्य प्रश्नपत्र, एम-२ संकेत वाला प्रश्नपत्र तथा हिंदी-अंग्रेजी संस्करण शामिल हैं।
इसके अलावा, जांच एजेंसी ने उपस्थिति प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी पहचान पत्रों की प्रतियां और नकद राशि भी जब्त की है।
जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मनीषा हवलदार ने सेठ हीरालाल सर्राफ विद्यालय के आधिकारिक कंप्यूटर का उपयोग कर लीक सामग्री को प्रिंट किया था।
हवलदार ने यह भी स्वीकार किया कि उसने सह-आरोपी मंधारे के साथ हुई बातचीत मिटा दी थी और भौतिकी के प्रश्नों वाले हाथ से लिखे नोट्स जलाकर सबूत खत्म करने की कोशिश की थी।



