अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान और कई सहयोगी देशों के साथ एक बड़े समझौते पर “काफी हद तक बातचीत” पूरी हो चुकी है, जिससे पिछले 84 दिनों से जारी तनाव और युद्ध के समाप्त होने की उम्मीद बढ़ गई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर जानकारी देते हुए कहा कि सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है। उनके मुताबिक यह समझौता अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच अंतिम सहमति पर निर्भर है।
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ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से बातचीत हुई, जो “बहुत अच्छी” रही। उन्होंने संकेत दिया कि समझौते की अंतिम शर्तों और बारीकियों पर चर्चा जारी है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
इस संभावित समझौते का सबसे अहम बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के पूरी तरह खुला रखना माना जा रहा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और लंबे समय से वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है।
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबीओ ने भी संकेत दिए थे कि वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ कहा था कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना टोल के खुला रखना होगा और अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को छोड़ना होगा।
सूत्रों के मुताबिक ट्रंप इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे कि समझौते पर हस्ताक्षर होंगे या फिर अमेरिका सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करेगा। हालांकि अरब देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद माहौल सकारात्मक बताया गया और क्षेत्रीय नेतृत्व ने कूटनीतिक समाधान को समर्थन दिया।
इसी बीच अमेरिकी सैन्य कमान ने हाल ही में ईरानी बंदरगाहों के आसपास चली समुद्री नाकेबंदी को बड़ी रणनीतिक सफलता बताया। दावा किया गया कि इस कार्रवाई के दौरान लगभग 100 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला गया, ताकि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सके।



