संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रविवार शाम हुए हमले के बाद पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। यह संयंत्र यूएई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में इस हमले ने क्षेत्र में दोबारा युद्ध भड़कने की आशंकाओं को तेज कर दिया है।
हालांकि अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह की सुई ईरान की ओर उठ रही है। हमले के बाद यूएई सरकार में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, ड्रोन के जरिए किए गए इस हमले में संयंत्र परिसर की बाहरी सीमा पर आग लग गई थी। एक विद्युत जनरेटर भी आग की चपेट में आ गया। हालांकि यूएई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी प्रकार का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और जनता को कोई खतरा नहीं है।
इसी बीच सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसे तीन ड्रोन को नष्ट कर दिया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में बताया कि 17 मई को ये विमान इराकी हवाई क्षेत्र से होकर सऊदी सीमा में दाखिल हुए थे।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अप्रैल में युद्धविराम लागू होने के बावजूद इराक से सऊदी अरब, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों की ओर ड्रोन हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।



