रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ गई है। यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा केंद्रों में शामिल जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र (Zaporizhzhia Nuclear Power Plant) पर ड्रोन हमले की खबर ने वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने इस घटना को बेहद खतरनाक बताते हुए कहा है कि परमाणु केंद्रों पर हमला करना “आग से खेलने” जैसा है।
IAEA के अनुसार, संयंत्र प्रशासन ने एजेंसी को जानकारी दी कि एक ड्रोन टर्बाइन बिल्डिंग से टकराया, जिससे इमारत की दीवार में छेद हो गया। हालांकि अभी तक किसी बड़े रेडिएशन रिसाव या गंभीर तकनीकी नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने परमाणु सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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राफेल ग्रॉसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी परमाणु सुविधा पर हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डाल सकती हैं। IAEA की टीम ने प्रभावित हिस्से का निरीक्षण करने के लिए मौके पर पहुंचने की अनुमति भी मांगी है।
IAEA के मुताबिक अप्रैल 2024 के बाद यह पहली बार है जब संयंत्र के संरक्षित क्षेत्र के भीतर ड्रोन हमला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि मार्च 2022 से यह परमाणु संयंत्र रूसी नियंत्रण में है और युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार अंतरराष्ट्रीय चिंता का केंद्र बन चुका है।
रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने इस हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। कंपनी का दावा है कि ड्रोन यूनिट-6 के टर्बाइन आइलैंड से टकराया और वहां विस्फोट हुआ। हालांकि मुख्य परमाणु उपकरणों को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन संरचनात्मक क्षति हुई है।
रोसाटॉम ने कहा कि यह किसी परमाणु संयंत्र के मुख्य उपकरण क्षेत्र पर पहला सीधा ड्रोन हमला माना जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमले भविष्य में और गंभीर परिणाम ला सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी परमाणु संयंत्र की महत्वपूर्ण प्रणालियों को नुकसान पहुंचता है, तो इसके प्रभाव केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे यूरोप और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस घटना के बाद रूस, यूक्रेन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्या कदम उठाते हैं। क्या यह केवल एक सीमित सैन्य घटना है, या फिर परमाणु सुरक्षा के लिए एक नई और खतरनाक चेतावनी?
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