लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती हुए हैं, जहां उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के कारण इलाज के लिए पल्मोनरी विभाग में रखा गया है। 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने का कारण
लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को शाम लगभग 7:30 बजे नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें सीने में संक्रमण के कारण पल्मोनरी विभाग में रखा गया है। इस संक्रमण के चलते उनकी सांस लेने में परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद तुरंत उपचार शुरू किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण के प्राथमिक लक्षणों के आधार पर आडवाणी की निगरानी की जा रही है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। विशेषज्ञों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है ताकि किसी भी जटिलता से पहले उचित कदम उठाए जा सकें।

पूर्व में भी आडवाणी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था
यह पहली बार नहीं है जब लालकृष्ण आडवाणी को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया गया हो। इसी वर्ष मई 2026 में भी उन्हें उम्र संबंधी समस्याओं के चलते अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब भी उनका इलाज सफल रहा था और वे स्वस्थ होकर घर लौटे थे।
उनकी उम्र को देखते हुए चिकित्सक नियमित जांच और सावधानी बरत रहे हैं ताकि उनकी सेहत में सुधार हो सके। आडवाणी के परिवार और पार्टी के वरिष्ठ सदस्य भी अस्पताल में मौजूद हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं।
लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर और उनका योगदान
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के सह-संस्थापक और देश के वरिष्ठ राजनेता हैं। उन्होंने 2002 से 2004 तक भारत के उपप्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी। इसके अलावा, वे लंबे समय तक गृह मंत्री रहे और अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही।
आडवाणी ने 1990 में राम रथ यात्रा शुरू की, जिसने देशभर में इस आंदोलन को गति दी। उनकी राजनीतिक सक्रियता और अनुभव ने भारतीय राजनीति में गहरा प्रभाव डाला है। उनकी उम्र 98 वर्ष है, जो उन्हें देश के सबसे वरिष्ठ राजनेताओं में शामिल करता है।

आम जनता पर स्वास्थ्य स्थिति का प्रभाव
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से उनके समर्थकों और आम जनता में चिंता व्याप्त है। वरिष्ठ नेताओं की सेहत का असर उनकी राजनीतिक सक्रियता और मार्गदर्शन पर पड़ता है। इसलिए उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा, यह घटना देश की राजनीति में एक संवेदनशील दौर की याद दिलाती है, जहां वरिष्ठ नेताओं की सेहत और उनकी भूमिका अहम होती है। इस कारण स्वास्थ्य संबंधी मामलों को प्राथमिकता दी जाती है।
अपोलो अस्पताल की देखरेख और उपचार की योजना
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में लालकृष्ण आडवाणी की देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगी हुई है। अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में उन्हें रखा गया है, जहां फेफड़ों और सांस से जुड़ी बीमारियों का उपचार किया जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण के कारण उनकी स्थिति को स्थिर बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित जांच, दवा उपचार और आवश्यकतानुसार सपोर्टिव थेरेपी दी जा रही है। फिलहाल उनकी स्थिति में कोई गंभीर बदलाव नहीं आया है।



