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मोदी-ट्रंप की अहम बातचीत: पश्चिम एशिया में शांति और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर जोर
नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर लम्बी बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर गहन चर्चा की गई।
भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति बहाल होनी चाहिए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी दुनिया के लिए खुला और सुरक्षित बना रहना बेहद आवश्यक है। यह दोनों नेताओं के बीच 28 फरवरी 2026 को इज़रायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद पहली बातचीत थी। अब यह संघर्ष चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने से ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे भारत सहित कई देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से इस बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि ट्रंप के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर उपयोगी चर्चा हुई और भारत पूरी तरह तनाव कम करने तथा शीघ्र शांति का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ रहना वैश्विक हित में है।
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस फोन वार्ता की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की स्थिति और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला बनाए रखने के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
ताजा बातचीत से संकेत मिलता है कि दोनों देश अब शांति और स्थिरता के प्रयासों को और मजबूती देने के लिए लगातार संपर्क में बने रहेंगे।



