ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस को दोबारा मजबूत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें रोका नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि चुनाव में जनता के जनादेश को लूटा गया है, लेकिन उनकी पार्टी फिर से मजबूती के साथ खड़ी होगी।
ममता बनर्जी ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ अहम बैठक की। । बैठक के दौरान ममता ने कार्यकर्ताओं और नेताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी किसी के सामने झुकेगी नहीं।
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उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से क्षतिग्रस्त कार्यालयों को फिर से तैयार करने, रंगाई-पुताई करने और दोबारा खोलने की अपील की। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी कार्यालयों को रंगने में हाथ बंटाएंगी।
पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेताओं के दूसरी पार्टियों में जाने की चर्चाओं के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोगों की अपनी मजबूरियां हो सकती हैं, इसलिए वह किसी को जबरन पार्टी में बनाए रखने में विश्वास नहीं करतीं।
बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने डर, दबाव और अत्याचार के माहौल में भी साहस के साथ चुनाव लड़ा। ममता बनर्जी ने इस बैठक के जरिए पार्टी में एकजुटता और संघर्ष का संदेश देने की कोशिश की।
गौरतलब है पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटों पर जीत मिली। खुद ममता बनर्जी को भी अपने पारंपरिक गढ़ भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा। पार्टी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि तीन सीटें सहयोगी दल के लिए छोड़ी गई थीं। चुनाव में पार्टी के 211 उम्मीदवारों को हार मिली, जिनमें कई बड़े नेता और मंत्री भी शामिल रहे।



