‘सिंधी व्यापारी’ पूरे इंदौर के भाजपा पर भारी, ‘गिव एंड टेक’ फार्मूले से सबको ‘निपटाया’

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इंदौर। इन दिनों इंदौर की भाजपा में एक मामला बहुत चर्चा में है। जिन लोगों को यह पता है वे चटखारे ले-लेकर इसकी बात कर रहे हैं, लेकिन बहुतों को पता भी नहीं है। किस्सा है ही ऐसा। सारे नेता से लेकर विधायक तक इस बात पर दंग हैं कि आखिर एक सिंधी व्यापारी इन सब पर भारी कैसे पड़ गया।

किस्सा कुछ यूं है

-एक सिंधी व्यापारी के बिगड़ैल बेटे का फैक्ट्री के कर्मचारियों से विवाद हो गया। विवाद तो तनख्वाह बढ़ाने को लेकर हुआ था, लेकिन बात काफी बढ़ गई। पैसे वाले बाप के इस बेटे ने कुछ कर्मचारियों को पीट डाला।

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-अब इसके आगे कहानी कुछ यूं बढ़ती है कि जिस कर्मचारी को पीटा गया, वह भाजपा का कार्यकर्ता निकला। वह भी दो नंबर विधानसभा का कार्यकर्ता। कर्मचारी पुलिस में गया लेकिन व्यापारी के दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही थी।

-बात दो नंबर के विधायक तक पहुंची। विधायक ने पुलिस वालों को हड़काया तो एफआईआर दर्ज हुई। व्यापारी ने विधायक तक एप्रोच की, लेकिन विधायक का साफ कहना था कि पिटाई खाने वाला कर्मचारी उनका कार्यकर्ता है। इसलिए समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।

-व्यापारी ने इसे अपनी शान में गुस्ताखी समझा और इस कोशिश में जुट गया कि उसकी तरफ से भी पुलिस क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ले। कोशिश चलती रही। इंदौर के कई नेताओं से संपर्क किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।

-व्यापारी ने जब देखा कि इंदौर के नेताओं से बात नहीं बन पा रही है। तब व्यापारी ने एक पूर्व केंद्रीय मंत्री की शरण ली।

-पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में बड़े पद पर बैठे एक नेता को फोन लगाया और कहा कि व्यापारी को पुलिस वाले परेशान कर रहे हैं। एफआईआर के लिए पैसे मांग रहे हैं।

-अब संगठन के बड़े पदाधिकारी ने प्रदेश संगठन में कुछ समय पहले ही नियुक्त इंदौर के एक नेता को फोन लगा दिया। चूंकि नेताजी पहले इंदौर संगठन का भी काम देख चुके थे, तो उन्हें वर्तमान में बड़े पदों पर बैठे नेताओं को निपटाने का अवसर मिल गया।

-प्रदेश संगठन के इंदौरी नेता ने रिपोर्ट बनाकर ऊपर भेज दी कि यहां तो यह सब आम बात है। ऐसा होता रहता है।

-फिर क्या था, प्रदेश संगठन के बड़े पद पर बैठे नेताजी को गुस्सा आ गया और उन्होंने वर्तमान में इंदौर संभाल रहे नेताओं को चमका दिया।

– वर्तमान संगठन के नेता फिर जी-जान से जुट गए। कई नेता विधायकजी समझाने भी गए, लेकिन सफल नहीं हुए।

-व्यापारी विधायक के करीबी एक विवादित शराब कारोबारी के पास भी गया। शराब कारोबारी ने कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहे।

-खास बात यह कि उस व्यापारी ने इंदौर की पूरी भाजपा को निपटा दिया, जो लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा है। सारे भाजपा नेताओं को उसके पूर्व सीएम कमलनाथ से संबंधों का भी जानकारी है।

-अब व्यापारी तो व्यापारी ठहरा। लंबे समय से इंदौर में कारोबार कर रहा है। कई नेता, पत्रकार, मंत्री, संत्री को घुमाता रहता है। जब बात नहीं बनी तो उसने अपना वही पुराना फार्मूला-‘गिव एंड टेक’ को आजमाने की सोची।

-फिर क्या था-‘गिव एंड टेक’ फार्मूला काम आया और व्यापारी की तरफ से पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली।

-और पूरी भाजपा मुंह ताकती रह गई…     

इति

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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