भोपाल। दतिया उपचुनाव में भाजपा ने प्रदेश के पूर्व मंत्री और उसी सीट से पिछले चुनाव में हारे नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। इसके बाद से दतिया में बवाल मच गया है। दुकानों बंद करा दी गईं, समर्थकों ने सड़क जाम कर दिया और इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों कटा, इसके कई कारण हैं लेकिन दतिया में जो बगावत की आग भड़की है, उसको लेकर भाजपा में चिन्ता है। कई नेता कह रहे हैं कि भाजपा की ताकत ही अनुशासन और संगठन का फैसला है, लेकिन उम्मीदवार की घोषणा होते ही जो कुछ भी हो रहा उससे पार्टी में एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- नरोत्तम मिश्रा को भोपाल के बाद दिल्ली से भी निराशा, ना नितिन नवीन मिले ना अमित शाह, अब खुद को बताने लगे पार्टी का कार्यकर्ता
- BJP में बड़ा झटका! नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, समर्थकों का हाईवे जाम और पुलिस पर पथराव… अब दतिया उपचुनाव में क्या होगा?
- मध्यप्रदेश की राजनीति से नरोत्तम मिश्रा की कहानी खत्म, भाजपा ने दतिया उपचुनाव में नहीं दिया टिकट, आशुतोष तिवारी को मैदान मे उतारा
- दिग्विजय और कमलनाथ के बयान पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा-अपनी बच्चा सरकार को कांग्रेसियों ने चूम-चूमकर मार डाला, पटवारी बोले-दोनों के बीच की केमिस्ट्री समझना मुश्किल
- कांग्रेस का यही फसाना है आग भी लगाना है और आंसू भी बहाना है – नरोत्तम
- कांग्रेस का नेतृत्व थका हुआ–गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र…
मिश्रा को भाजपा ने सबकुछ दिया
नरोत्तम मिश्रा को भाजपा ने सबकुछ दिया। पिछले विधानसभा चुनाव में हारने से पहले वे 2020-2023 तक गृह मंत्री रहे। इससे पहले संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनसंपर्क और जल संसाधन मंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री की जिम्मेदारी भी भाजपा ने उन्हें सौंपी थी। अगर वे पिछला चुनाव नहीं हारते तो शायद इस मंत्रिमंडल में भी होते।
भाजपा के टिकट पर छह चुनाव जीते
डबरा के रहने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा 1990, 1998 और 2003 में तीन बार इस सीट से चुनाव भी जीत चुके हैं। 2008 में डबरा सीट आरक्षित हो गई थी। इसके बाद नरोत्तम ने दतिया से चुनाव लड़ा और 2008, 2013 और 2018 में लगातार तीन बार जीते। साल 2023 में वे कांग्रेस के राजेंद्र भारती से चुनाव हार गए थे।
टिकट कटते ही बगावत शुरू
टिकट कटते ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार को नाराज कार्यकर्ताओं ने दतिया-झांसी हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन किलोमीटर लंबा वाहनों का जाम लग गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेतृत्व के फैसले का विरोध करते हुए नारेबाजी की। उनका कहना था कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर घोषित किए गए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को वे नहीं जानते और इस फैसले से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
दतिया जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
भाजपा से जुड़े डॉ नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में उनकी टिकट कटने के बाद बहुत गुस्सा है। जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ मिश्रा समर्थक अब आलाकमान से टिकट बदलने की मांग को लेकर दिल्ली कूच करने की तैयारी में है। भाजपा की सूची जारी होते ही उसमें अपने नेता का टिकट कटने से नाराज कार्यकर्ताओं का कहना था कि वह आर या पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
भाजपा उम्मीदवार का जबरदस्त विरोध
शाम होते-होते दतिया शहर के अलग-अलग वार्डों से भाजपा कार्यकर्ता झांसी हाईवे पर इकट्ठा होने लगे और दतिया झांसी के बीचों-बीच धरना शुरू कर दिया। “नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद”, “आशुतोष वापस जाओ”, “टिकट बदलो” के नारे गूंजते रहे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि दतिया की राजनीति नरोत्तम मिश्रा के नाम से चलती है। उनके काम और पहचान से ही भाजपा यहां मजबूत हुई है।
पार्टी आलाकमान को चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को सीधी चेतावनी दे डाली। ऐलान किया गया कि अगर टिकट नहीं बदला गया तो वे उपचुनाव में भाजपा का विरोध करेंगे। हम चुप नहीं बैठेंगे। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो इस बार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। हमें उम्मीदवार नहीं, कार्यकर्ताओं का सम्मान चाहिए।



