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नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली आबकारी नीति धन शोधन मामले में अरविंद केजरीवाल की जमानत मामले पर तत्काल सुनवाई के अनुरोध को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल को दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ट्रायल कोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने आज मामले की सुनवाई टाल दी, क्योंकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने कहा कि ईडी की याचिका पर केजरीवाल का जवाब उन्हें कल देर रात दिया गया और एजेंसी को इस पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय चाहिए। राजू ने कहा कि जवाबी प्रति उन्हें मंगलवार रात 11 बजे दी गई और उनके पास जवाबी हलफनामा तैयार करने और दाखिल करने का समय नहीं है।
ईडी के दावे को चुनौती
केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने ईडी के दावे को चुनौती दी। सिंघवी ने कहा कि जवाबी प्रति मंगलवार दोपहर 1 बजे जांच कार्यालय (आईओ) को भेज दी गई। सिंघवी ने कहा कि मामले में बहुत जल्दी है, क्योंकि केजरीवाल को दी गई जमानत पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि वह अपने जवाबी हलफनामे पर भरोसा किए बिना मामले पर बहस करने के लिए तैयार हैं। हालांकि जस्टिस कृष्णा ने टिप्पणी की कि ईडी केजरीवाल के जवाब पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का हकदार है। इसलिए, इसने मामले को 15 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया।



