नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के तहत 20 मार्च को संसद मार्च का आयोजन होना है। इसको लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल से ही मार्च में शामिल होने और प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने का एलान किया है। इधर, पुलिस ने कहा है कि किसी तरह की अनुमति नहीं दी गई है। कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गीतांजलि आंग्मो ने कहा-प्रदर्शन में शामिल होंगी
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्थिति पर बात करते हुए उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि मैं कल के विरोध प्रदर्शन में निश्चित रूप से उनका (सोनम का) प्रतिनिधित्व करूंगी और मार्च में शामिल होंगी। हमने आज एक तत्काल याचिका भी दायर की थी, क्योंकि अगर हमें आज अस्पताल शिफ्ट करने की अनुमति मिल जाती, तो हम मेदांता जाकर कल सुबह तक प्रदर्शन स्थल पर पहुंच सकते थे। लेकिन हम जानते थे कि वे (प्रशासन) इसकी इजाजत नहीं देंगे।
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शांतिपूर्ण मार्च निकालने की अपील
डॉ. गीतांजलि ने मार्च में शामिल होने वाले छात्रों और अभिभावकों से दो अहम अपीलें की हैं। उन्होंने कहा कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि प्रदर्शन को बदनाम करने या भड़काने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों से सावधान रहें और उनके किसी जाल में न फंसें। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि डॉक्टरों के दबाव के बावजूद सोनम वांगचुक ने लिक्विड (तरल पदार्थ) लेने से इनकार कर दिया है और वे केवल पानी पीकर अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने दी कार्रवाई की चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इस विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन द्वारा ऐसी कोई अनुमति दी गई है। नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के मद्देनजर धारा 163 बीएनएस लागू कर दी गई है। इसके तहत जंतर-मंतर (सक्षम अनुमति के साथ) को छोड़कर, पूरे जिले में किसी भी तरह के विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन या पांच या पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।



