भोपाल। पिछले कुछ समय से यह देखने में आया है कि भाजपा में अब डर का माहौल है। बड़बोले नेता भी अपने बयान से तुरंत पलट जाते हैं, तो इस्तीफा न देने की जिद करने वाले भी इस्तीफा देने पर राजी हो जाते हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश में जो कुछ भी हुआ, वह चौंकाने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाहा समाज को गुलाटी मारने वाला बता दिया और जब बवाल मचा तो खुद ही गुलाटी मार गए।
समाज के कार्यक्रम में ही दिया था बयान
कुछ दिन पहले भाजपा के मुरैना जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के आवास पर कुशवाह समाज का एक कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों कुशवाह लोग थे। इतनी भीड़ को देख विस अध्यक्ष ने कहा, कि मुझे लगा कि जिलाध्यक्ष कमलेश ने दो-चार लोगों के साथ चाय पर बुलाया है, पर यहां इतने लोगों के दर्शन होंगे यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इसके बाद विस अध्यक्ष ने कहा, कि एक समय था जब कुशवाह समाज को भाजपा का समर्थक समाज मानते थे। जब बसपा जैसी पार्टियों का जन्म भी नहीं हुआ था, उस कालखंड में भाजपा ने कालीचरण कुशवाह को टिकट दिया, जब कोई पार्टी कल्पना भी नहीं कर सकती, कि कुशवाह समाज को टिकट देना है।
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बीच-बीच में गुलाटी मार जाता है कुशवाह समाज
तोमर ने कहा थि पदाधिकारी का तो समय होता है, एक समय के बाद बदल जाता है, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता सदैव रहता है। भाजपा कुशवाह समाज के प्रति समर्पित रही है, लेकिन यह बात अलग है, कि बीच-बीच में कुशवाह समाज थोड़ा इधर-उधर गुलाटें खाता रहा और उसके कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया। लोकतंत्र में सवाल इस बात का है, कि पूछ और प्रतिष्ठा उसी की रहती है, जो एक खूंटे से बंधकर रहता है, रहती है, कि नहीं रहती।
बयान के बाद गरमाई सियासत
तोमर के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई थी। इस बयान पर अब मुरैना से लेकर भोपाल तक के राजनीतिक गलियारों में हल्ला मच गया है। कुशवाह समाज के पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि व समाजसेवियों ने विस अध्यक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति लेकर सबक सिखाने तक की बात कह रहे हैं। उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी विस अध्यक्ष के बयान को पिछड़ा वर्ग विरोधी बता दिया।
हंगामा मचा तो तोमर ने मांग ली माफी
जब बवाल मचा तो नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाहा समाज से माफी मांग ली। प्रिय कुशवाह समाज बन्धुओं। तोमर ने एक पत्र जारी कर कहा-हम विगत दिनों भाजपा अध्यक्ष कमलेश कुशवाह के घर गये थे। यह पारिवारिक कार्यक्रम था और उसी माहौल में चर्चा हो रही थी। कुशवाह और हम लोग एक दूसरे पूरक हैं, इसी भाव से जीवन भर कुशवाह समाज का सम्मान करता रहा हूँ और जीवन पर्यन्त करता रहूँगा। मैं अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता, यदि मेरे किसी शब्द से किसी समाज बन्धु को ठेस लगी है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ, और आप लोगों को जो तकलीफ हुई है उसके लिए खेद व्यक्त करता हूँ।
भाजपा सरकार में इस्तीफे भी होते हैं
जब नीट यूजी पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी का आंदोलन शुरू हुआ और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जाने लगा तो भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। बाद में विवाद इतना बढ़ा कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब लोग कह रहे हैं कि इस भाजपा सरकार में इस्तीफे भी होते हैं और नेता डरते भी हैं।



