नई दिल्ली। नीट यूजी परक्षा के पेटर्न में बदलाव की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर इसकी जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों वाली इस परीक्षा को मौजूदा पेन-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में बदलने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही JEE की तरह NEET-UG को भी दो चरणों- मेन और एडवांस्ड में आयोजित किया जा सकता है।
ISRO के पूर्व चेयरमैन की अगुवाई में बनी एक टीम ने परीक्षा को ज्यादा साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए कुछ सलाह दी हैं। इनमें कंप्यूटर पर परीक्षा (CBT) के अलावा जैसे JEE में पहले Main और फिर Advanced होता है, वैसे ही नीट में भी दो बार परीक्षा कराने का सुझाव है। सरकार ने कोर्ट में बताया है कि इन सुझावों को ध्यान से देखा जा रहा है और परीक्षा कराने वाली एजेंसी (NTA) में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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एनटीए में पहले ही हो चुका है फेरबदल
उल्लेखनीय है कि पेपर लीक पर मचे बवाल के बीच सरकार की तरफ से एनटीए में बड़ा फेरबदल कर करीब 45 से ज्यादा लोगों को एजेंसी से बाहर कर दिया गया था। अब नई भर्तियां की जा रही हैं। युवा अधिकारियों और नए लोगों को नियुक्त किया जा रहा है। आगे परीक्षा और इसके पूरे प्रोसेस में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसे लेकर बेहद सख्ती की गई है।
सीबीटी मोड पर परीक्षा का विचार
पेपर लीक की समस्या से बचने के लिए भले ही सरकार कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर विचार कर रही है, लेकिन इसे लेकर कई एक्सपर्ट्स ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि इस मोड में परीक्षा कराने का नुकसान सबसे ज्यादा उन छात्रों को होगा, जो दूर दराज के गांवों में पढ़ रहे हैं। उनके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार की तरफ से अभी अंतिम फैसला नहीं
हलफनामे में बताया गया है कि JEE की तर्ज पर 2 स्तरों वाली परीक्षा व्यवस्था लागू करने से न सिर्फ परीक्षा की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि छात्रों की योग्यता का भी बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि अभी इस बारे में अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अंतिम फैसला लेने से पहले टास्क फोर्स की सिफारिशों को भी ध्यान में रखा जाएगा।



