भोपाल। दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा अब एक्शन में आ गई है। मंगलवार को सीएम हाउस में बैठक में मंथन के कुछ ही घंटों बाद दतिया जिे की पूरी संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
भाजपा के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा इस संबंध में लेटर जारी किया गया है। इसमें लिखा है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के निर्देशानुसार दतिया विधान सभा उप चुनाव के परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर भाजपा, जिला दतिया की वर्तमान संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है।
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समिति की अनुशंसा पर हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को सीएम हाउस में हार की समीक्षा के लिए हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जांच के लिए एक समिति गठित की थी। इसमें भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे तथा वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है। इसी समिति की अनुशंसा पर दतिया जिले की संगठनात्मक संरचना को भंग किया गया है। इसके तहत जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प एवं विभागों सहित समस्त जिला संगठन की वर्तमान संगठनात्मक इकाइयां तत्काल प्रभाव से पदमुक्त हो गई हैं।
बैठक में भीतरघात की बात आई सामने
बताया जाता है कि सीएम हाउस पर हुई बैठक में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने बैठक में चुनाव के दौरान कथित भीतरघात से जुड़े कुछ तथ्य और सबूत प्रस्तुत किए। इन आरोपों पर विस्तार से चर्चा हुई और हार के कारणों की समीक्षा की गई। वहीं, जिन नेताओं पर गंभीर स्तर के भीतरघात के आरोप हैं, उनके संबंध में समिति की रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ने की बात भी सामने आई।
पार्षदों सहित कई नेता होंगे बाहर
बैठक में हार के कारणों, संगठन की भूमिका, भीतरघात की शिकायतों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दतिया के कुछ पार्षदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट में शहरी दतिया के कुछ पार्षदों पर भीतरघात के आरोप सामने आए हैं। भाजपा को शहर में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन यहां कांग्रेस को बढ़त मिली, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा ने बढ़त बनाई। रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है।



