कोलकाता के तारतला इलाके में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की जमीन पर निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर है।

हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- PM मोदी का बड़ा सवाल: क्या अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ‘फोर्थ-पार्टी ऑडिट’ की जरूरत?
- 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का संदेश: शहीदों को नमन, विकसित भारत का संकल्प
- राहुल गांधी की विदेश नीति वाली टिप्पणी पर घमासान: राजनाथ सिंह के बयान से गरमाई सियासत
- राहुल गांधी की ‘हग डिप्लोमेसी’ वाली नकल पर सियासी घमासान, मेलोनी के जिक्र से बढ़ा विवाद
- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: PM मोदी ने याद किया बंटवारे का दर्द, बोले—“मुश्किलों को सफलता में बदला”
- International Youth Day 2026: PM Modi ने युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत, संस्कृत श्लोक से दिया खास संदेश

इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने शोक संदेश जारी करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोलकाता में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं तथा हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।



