अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.6 प्रतिशत बढ़कर 102.70 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल 2.3 प्रतिशत चढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
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तनाव उस समय और बढ़ गया जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच गोलीबारी की घटना सामने आई। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान की ओर से हुए “बिना उकसावे” वाले हमलों को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि जिन अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया गया, वे तीन अमेरिकी विध्वंसक पोत थे, जो बिना किसी नुकसान के सुरक्षित निकल गए। उन्होंने कहा कि जवाबी हमले में ईरान की कई छोटी नौकाएं तबाह कर दी गईं और अमेरिकी जहाजों पर दागी गई मिसाइलों को भी मार गिराया गया।
वहीं, ईरान की सेना ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ़्तों से दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू था, लेकिन ताजा हमलों के बाद एक बार फिर बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका गहरा गई है, जिससे पूरी दुनिया की नजर अब पश्चिम एशिया पर टिक गई है।



