कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) भवन की दूसरी मंजिल के खुले टेरेस क्षेत्र में आग लग गई। घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है।
आग की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट फायर सर्विसेज ने तुरंत मोर्चा संभाला। शुरुआती कार्रवाई में एक दमकल वाहन को मौके पर भेजा गया, जिसके बाद एयरपोर्ट परिसर से दो और फायर टेंडर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। करीब दो घंटे तक चले कूलिंग ऑपरेशन के बाद सुबह लगभग 6 बजे स्थिति पूरी तरह सामान्य कर दी गई।
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ATC ऑपरेशन और उड़ानों पर नहीं पड़ा असर
एयरपोर्ट निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार, आग दूसरी मंजिल के खुले हिस्से तक ही सीमित रही। राहत की बात यह है कि इस घटना का हवाई अड्डे के मुख्य परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी उड़ान सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
ATC का मुख्य परिचालन केंद्र भवन की आठवीं मंजिल पर है, जबकि इसका कुछ हिस्सा तीसरी मंजिल से संचालित होता है। ऐसे में नेविगेशन सिस्टम और मौसम विभाग (MET) से जुड़े संवेदनशील उपकरण सुरक्षित रहे।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए लगाई गई सजावटी स्ट्रिंग लाइटों में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से आग के सटीक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
त्वरित कार्रवाई के चलते आग को फैलने से रोक लिया गया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। साथ ही यात्रियों की आवाजाही और उड़ान संचालन को भी बाधित नहीं करना पड़ा।
क्या एयरपोर्ट की फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए?
आपके मुताबिक एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर सजावटी लाइट और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की नियमित सुरक्षा जांच कितनी जरूरी है? क्या ऐसी घटनाओं के बाद सभी बड़े एयरपोर्ट पर फायर सेफ्टी ऑडिट होना चाहिए?
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