भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाडली योजना को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ‘लाडली बहना योजना बहुत महंगी पड़ गई’। यह टिप्पणी उन्होंने 5 अक्टूबर 2026 को मंच पर छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी के सवाल के जवाब में की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का मजाकिया और चुटकीला जवाब
कार्यक्रम में बिन्नू रानी ने बुंदेली भाषा में मुख्यमंत्री से सवाल किया कि सरकार बहनों के लिए तो बहुत कुछ कर रही है, लेकिन बेटियों के लिए क्या योजना है। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हंसते हुए कहा, “तुमको मालूम नहीं है, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई… मुझे क्या मालूम था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है।” उन्होंने यह भी कहा कि अभी बिन्नू रानी इस योजना के लिए छोटी हैं, जब बड़ी होंगी तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
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लाडली योजना का परिचय और वित्तीय पहलू
लाडली बहना योजना की शुरुआत 28 जनवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में प्रति माह 1250 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। बाद में यह राशि नवंबर 2025 में बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई। योजना के कारण राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 22,680 करोड़ रुपये का खर्च आता है, जो इसे सरकार के लिए महंगी साबित करता है।
बुंदेली समागम में योजना पर सीएम की प्रतिक्रिया
बुंदेली समागम में सीएम मोहन यादव ने योजना की महंगाई को लेकर सीधे शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें इस योजना के आर्थिक बोझ का अंदाजा हुआ। उन्होंने साफ किया कि लाड़ली बहना योजना सरकार की महिला सशक्तिकरण की एक महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसके वित्तीय दबाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सियासी प्रतिक्रिया और सामाजिक प्रभाव
सीएम के इस बयान पर विपक्ष ने तंज कसा है। कांग्रेस नेता उमंग सिंघर ने कहा कि चुनाव से पहले लाडली बहना योजना का प्रचार होता है, लेकिन सत्ता में आने पर इसकी महंगाई समस्याएं पैदा करती है। वहीं आम जनता में यह योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा प्रदान करती है, जिससे सामाजिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
आगे की संभावनाएं और योजना का विस्तार
फिलहाल सरकार योजना को जारी रखे हुए है और राशि बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले समय में योजना में सुधार और विस्तार हो सकता है, ताकि अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। इसके अलावा, युवाओं के लिए भी नई योजनाओं की घोषणा की जा सकती है।
लाडली योजना की महंगाई और भविष्य की चुनौतियां
लाडली बहना योजना की महंगाई को लेकर सरकार के सामने वित्तीय चुनौतियां हैं। यदि इस योजना को स्थायी और प्रभावी बनाना है, तो बजट प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके साथ ही योजना के लाभार्थियों की संख्या और वितरण प्रणाली में सुधार की आवश्यकता भी है।



