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उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट: 177 सड़कें बंद, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर तेज बारिश के आसार हैं। प्रदेश में अब तक तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 177 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यमुनोत्री हाईवे बनास-नारद चट्टी के पास लगातार 20 वें दिन भी बंद है। वहीं, ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे नरेंद्रनगर के बगड़धार में बीती रात से बाधित है। देर शाम हुई बारिश में पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात पूरी तरह रुक गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बड़कोट क्षेत्र में भी हालात गंभीर हैं। फूलचट्टी के पास जानकीचट्टी को जोड़ने वाली सड़क ध्वस्त हो गई है, जहां न तो वाहन चल पाएंगे और न ही पैदल गुजरना सुरक्षित है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा 13 सितंबर से यमुनोत्री धाम यात्रा शुरू कराने के दावे सवालों के घेरे में हैं।
राज्य में गुरुवार को भी तीन एनएच समेत 177 मार्ग बंद रहे। चंपावत और ऊधमसिंह नगर में सड़कें खुली हुई हैं।
मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी बिजली चमकने और तेज बौछारों के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले पैटर्न की वजह से पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है, हालांकि मैदानी क्षेत्रों में मानसून की रफ्तार कमजोर हुई है। अनुमान है कि 17 सितंबर तक प्रदेशभर में हल्की से तेज बारिश होती रहेगी।



