देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने 11 अगस्त से 16 अगस्त के बीच कई राज्यों में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बारिश का यह दौर मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय रहने से जुड़ा है। उत्तर और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Maharashtra Rain Alert: भारी बारिश से Mumbai-Pune Expressway बंद, भूस्खलन के बाद हाई अलर्ट; पुणे के स्कूलों में छुट्टी
- दिल्ली हाई अलर्ट पर: लाल किला–चांदनी चौक आतंकी निशाने पर, सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती
- जम्मू-कश्मीर हाई अलर्ट पर: व्यापक तलाशी अभियान तेज
- क्या युद्ध होने वाला है ;स्वास्थ्य सेवाएं हाई अलर्ट पर
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा। आसमान में बादल और हल्की हवाओं के बीच लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भी आने वाले दिनों में बारिश का पूर्वानुमान दिया है।
मध्य प्रदेश के लिए भी मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। मौसम विभाग की जानकारी में उत्तर मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इससे निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी बारिश को लेकर सतर्कता जरूरी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। यात्रियों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की सलाह देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
दक्षिण भारत में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग पहले भी केरल तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है।
महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए कृषि क्षेत्रों में मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी सावधानी की सलाह दी है। खराब मौसम और तेज हवाओं के दौरान समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी की जानकारी लेने की जरूरत है।
बारिश के दौरान आम लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने और तेज गरज के दौरान सुरक्षित भवन के अंदर रहना बेहतर है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
आने वाले पांच-छह दिनों में मानसून की सक्रियता कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकती है। हालांकि किसी विशेष शहर में बारिश की मात्रा स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। इसलिए यात्रियों, किसानों और आम नागरिकों के लिए स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनी देखना जरूरी है।



