नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) मुख्यालय का दौरा कर NEET UG Re-Exam 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एनटीए अधिकारियों के साथ बैठक की और परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, गोपनीयता तथा साइबर सुरक्षा उपायों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने परीक्षार्थियों से बड़ा वादा भी कर लिया।
बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है और सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए संबंधित सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- मोदीजी, अब तो दिल्ली तक पहुंच गए ‘कॉकरोच’, हिम्मत दिखाइए, धर्मेन्द्र प्रधान को हटाइए
- नीट यूजी पेपर लीक मामले में भाजपा नेता और उसका भाई गिरफ्तार, 30 लाख में खरीदा था पेपर
- नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद भी एनटीए बोला-पेपर लीक नहीं हुआ, सीबीआई कर रही जांच
- भाजपा ने अपने सबसे बड़े चुनावी रणनीतिकार धर्मेंद्र प्रधान को बिहार में उतारा, अब तक कई राज्यों में दिलवा चुके हैं फतह
प्रधान ने कहा-पूरी तरह सतर्क है सरकार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश पहले भी कई चुनौतियों का सामना कर चुका है और वर्तमान स्थिति को लेकर भी सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की पूरी मशीनरी इस मामले में सक्रिय है। कैबिनेट सचिव, गृह सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात की है तथा स्वास्थ्य मंत्री से भी चर्चा करने वाले हैं. सरकार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
किसी प्रकार की चिंता न करें विद्यार्थी
धर्मेंद्र प्रधान ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की चिंता न करे। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और त्रुटिरहित तरीके से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा किअफवाहों से दूर रहें और अपनी तैयारी जारी रखें।
सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है?
प्रधान ने कहा कि सरकार ने परीक्षा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के सचिवों की बैठक आयोजित की गई। इसके अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने का अनुरोध किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्यों ने पहले भी सहयोग किया है और इस बार भी उनसे अधिक सक्रिय भूमिका की अपेक्षा की गई है। केंद्र और राज्य मिलकर परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
गृह सचिव करेंगे बैठक
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि आने वाले दिनों में केंद्रीय गृह सचिव इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इसके साथ ही भारत सरकार की सभी संबंधित एजेंसियां अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। सरकार नहीं चाहती कि किसी भी तरह की गड़बड़ी छात्रों के भविष्य को प्रभावित करे।
एनटीए में किए गए हैं कई बदलाव
परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए NTA के संगठनात्मक ढांचे में कई बदलाव किए गए हैं। संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के कई नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। सभी अधिकारियों को उनकी क्षमता और अनुभव के आधार पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का मानना है कि नई टीम और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुरक्षित होगी।
साइबर सुरक्षा के लिए भी विशेष तैयारी
इस बार साइबर सुरक्षा को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि IB, CBI और अन्य एजेंसियों के साइबर संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। ऑनलाइन गतिविधियों और संभावित साइबर खतरों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाने और कार्रवाई करने की व्यवस्था बनाई गई है। इससे परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा पत्र
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस संबंध में कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के सचिवों की बैठक भी आयोजित की गई है। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है। प्रधान ने कहा कि राज्य सरकारों ने पहले भी सहयोग किया है, लेकिन इस बार और अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
प्रधानमंत्री भी कर रहे हैं निगरानी
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली कमियों से सबक लिया गया है और इस बार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक मजबूत, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है।


