पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपना पहला और अब तक का सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार किया। इस बहुप्रतीक्षित विस्तार में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राज्यपाल आर एन रवि ने राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित समारोह में सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। नए मंत्रिमंडल में स्वपन दासगुप्ता, अशोक डिंडा, मनोज ओरांव, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, मालती रॉय, इंद्रनील खान, गौरीशंकर घोष, कल्याण चक्रवर्ती, राजेश महतो, अर्जुन सिंह और तापस राय समेत कई प्रमुख चेहरों को जगह मिली है।
👉 यह भी पढ़ें:
- उत्तर 24 परगना में अमोनिया गैस लीक: बर्फ कारखाने से 25 ग्रामीण बीमार, सड़क पर उतरे लोग
- कोलकाता होटल में भीषण आग: 9 लोगों की मौत, 6 घायल; बंगाल में लगातार दूसरे बड़े अग्निकांड से सुरक्षा पर सवाल
- तारापीठ होटल अग्निकांड: सोते यात्रियों पर टूटा कहर, 7 की मौत, कई गंभीर
- TMC नेता आशीष बनर्जी की मौत: रामपुरहाट में आवास के पास पार्टी कार्यालय से मिला शव, जांच जारी
- West Bengal में ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, लोगों ने गाड़ी पर पानी, पत्थर और जूते फेंके
- West Bengal: कोयल मल्लिक के इस्तीफे पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा-जिसे जहां जाना है 21 जुलाई से पहले चला जाए
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए सरकार क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। खासतौर पर उत्तर बंगाल को अधिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिशों को लेकर अटकलें तेज हैं।
सूत्रों के मुताबिक, माथाभांगा के विधायक निशीथ प्रमाणिक को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि रथींद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा दीपक बर्मन और शंकर घोष जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।
सबसे ज्यादा उत्सुकता विभागों के बंटवारे को लेकर बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पत्रकारिता से राजनीति में आए स्वपन दासगुप्ता को उच्च शिक्षा विभाग मिलने की अटकलें भी तेज हैं।
इस बीच महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि मंत्रिमंडल में कई महिला नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। इतना ही नहीं, फिल्म जगत से राजनीति में आए कुछ चेहरों को भी सरकार में अहम भूमिका मिलने की चर्चा है। अभिनेता से राजनेता बने रुद्रनील घोष का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विभागों का अंतिम बंटवारा किसे कितना राजनीतिक वजन देता है और क्या यह नया मंत्रिमंडल राज्य की सत्ता समीकरणों को लंबे समय तक प्रभावित करेगा।



