तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी दो गुटों में बंटती दिखाई दे रही है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक घटनाक्रम उस समय और नाटकीय हो गया जब एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम ने 13 मई को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिऴगा वेत्री कड़गम को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
👉 यह भी पढ़ें:
- Tamil Nadu में परिसीमन के खिलाफ प्रस्ताव, लोकसभा में 543 सीटें बरकरार रखने की मांग
- Tamil Nadu विधानसभा में NEET खत्म करने का प्रस्ताव पारित
- Udhayanidhi Stalin Arrest: विवादित बयान पर गिरफ्तारी, कुछ घंटों बाद स्टेशन बेल; तमिलनाडु की राजनीति में फिर उबाल
- कावेरी के लिए किसानों का अनोखा प्रदर्शन! रेत में खुद को दफन कर बोले- ‘पानी दो, वरना फसल बर्बाद हो जाएगी’
- Tamil Nadu Bus Fire: पेरम्बलूर में चेन्नई-मदुरै जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, 23 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया
- तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में सी-फूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक, 7 महिलाओं की मौत, 65 से ज्यादा घायल
सीवी शनमुगम ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के जनादेश का सम्मान करती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लोगों ने केवल टीवीके को नहीं, बल्कि विजय को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मतदान किया है। उन्होंने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए कहा कि एआईएडीएमके मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार को अपना समर्थन देगी।
शनमुगम ने यह भी कहा कि एआईएडीएमके की स्थापना ही डीएमके के विरोध के लिए हुई थी और पिछले 53 वर्षों से पार्टी की राजनीति डीएमके के खिलाफ केंद्रित रही है। उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी के भीतर डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया।
उनके अनुसार, यदि एआईएडीएमके डीएमके के साथ गठबंधन करती तो पार्टी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाता। इसी वजह से पार्टी के बड़े वर्ग ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और अब उसका मुख्य लक्ष्य संगठन को फिर से मजबूत करना और जनता के बीच अपनी पकड़ को पुनर्जीवित करना है।
सीवी शनमुगम ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए जीत दर्ज करने वाली टीवीके को समर्थन देना ही सबसे उपयुक्त फैसला माना गया। उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं और फ्लोर टेस्ट से पहले राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है।



