नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास नहीं होने के कारण एक तरफ जहां भाजपा लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है, वहीं अब कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर इसे टालने का आरोप लगया। मंगलवार को जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग कर चुके थे, लेकिन मोदी सरकार इस मुद्दे पर सोती रही। बाद में इसे परिसीमन से जोड़कर टालने की कोशिश की।
2017 में सोनिया गांधी ने पीएम को लिखा था पत्र
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा कि वर्ष 2017 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा से पारित कराने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोकसभा में बहुमत का उपयोग कर सरकार इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराए। सोनिया गांधी ने अपने पत्र में लिखा था कि कांग्रेस पार्टी हमेशा इस कानून के समर्थन में रही है और आगे भी रहेगी, क्योंकि यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया था कि पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस ने की थी, जो बाद में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के रूप में लागू हुई।
राहुल गांधी का भी एक पत्र किया शेयर
जयराम रमेश ने राहुल गांधी का वह पुराना पत्र भी साझा किया, जिसमें उन्होंने संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री से सहयोग मांगा था। राहुल गांधी ने पत्र में लिखा था कि महिला आरक्षण बिल 9 मार्च 2010 को राज्यसभा से पारित हो चुका था, लेकिन उसके बाद लोकसभा में विभिन्न कारणों से अटका रहा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा था कि अगर सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गंभीर है, तो महिला आरक्षण बिल को बिना शर्त समर्थन देकर संसद के आगामी सत्र में पारित कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि और देरी होने पर अगले आम चुनाव से पहले इसे लागू करना मुश्किल हो जाएगा।



