👉 यह भी पढ़ें:
- झारखंड में इंडिया गठबंधन के नेता चुने गए हेमंत सोरेन, 28 नवंबर को लेंगे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ
- झारखंड में जाती दिख रही हेमंत सोरेन की सरकार, अधिकांश एग्जिट पोल के नतीजे में एनडीए आगे
- झारखंड : हेमंत सोरेन के प्रस्तावक ने थामा बीजेपी का हाथ
- घुसपैठियों के लिए ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन ने रेड कारपेट बिछाया;गिरिराज सिंह
- झारखंड; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साबित किया बहुमत
- हेमंत सोरेन ही होंगे झारखंड के मुख्यमंत्री, चुने गए विधायक दल के नेता
0:00 left
रांची। झारखंड में हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सीएम पद की शपथ ले ली है। गठबंधन दलों द्वारा मंत्रिमंडल के नामों पर फैसला नहीं किए जाने के कारण उन्हें अकेले ही शपथ लेना पड़ा। शपथ ग्रहण के दौरान इंडिया गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं ने उपस्थिति दर्ज कर अपनी ताकत दिखाई। सीएम बनते ही सोरेन ने महिलाओं के लिए सौगात की घोषणा कर दी है।
राज्य सरकारी मैया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को मिल रही धनराशि में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। अब दिसंबर महीने से महिलाओं को 2500 रुपए मिलेंगे। सरकार ने 9 से 12 दिसंबर तक विधानसभा सत्र का आयोजन करने का फैसला लिया है। विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर के लिए महेशपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक स्टीफन मरांडी का नाम प्रस्तावित किया गया है। केंद्र से झारखंड के बकाया पैसे लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इंडिया गठबंधन ने दिखाई ताकत
सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने अपनी ताकत दिखाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कई नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल थे।
मंत्रियों के नामों पर नहीं हो सका फैसला
सोरेन के साथ झामुमो या गठबंधन के किसी और दलों के किसी विधायक ने मंत्री पद की शपथ नहीं ली। पहले सीएम के साथ आठ मंत्रियों के शपथ लेने की चर्चा थी, लेकिन गठबंधन दलों की तरफ से नामों पर फैसला नहीं हो पाया। कांग्रेस ने पहले डिप्टी सीएम पद की मांग की थी। बाद में इससे पीछे हटते हुए चार विधायकों पर एक मंत्री के पुराने फॉर्मूले के तहत चार मंत्री पद की डिमांड करने लगी। हेमंत सोरेन की पिछली सरकार में भी 16 विधायकों वाले कांग्रेस को चार मंत्री पद दिया गया था। हालांकि, गठबंधन में शामिल राजद और लेफ्ट पार्टी ने भी पुराने फॉर्मूले के तहत ही मंत्री पद की मांग की है। अब जेएमएम की तरफ से कहा जा रहा है कि इसमें कोई पेंच नहीं है, जल्द ही बैठकर मंत्रियों के नाम तय कर लिए जाएंगे।



