भोपाल। विजयपुर उपचुनाव में प्रदेश के पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत को परास्त करने वाले कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा गुरुवार को भोपाल में थे। कांग्रेस मुख्यालय में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि चुनाव से पहले रामनिवास रावत के रिश्तेदार एक टीआई, एसडीओपी के साथ मेरे पास आए थे। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हें चुनाव नहीं लड़ना है। मुझे 5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया, कहा गया कि 2 करोड़ रुपए अभी ले लो।
विधायक मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा ने डकैतों को बुलाकर मुझे मारने की कोशिश की, लेकिन मैं डरा नहीं। पुलिस-प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा था। बूथ पर बैठे हमारे एजेंटों तक को अगवा किया गया, नहीं तो हम 50 हजार वोटों से चुनाव जीतते। हमें कहा गया था कि आप फार्म खींच लेना, मैंने उन्हें जवाब दिया कि मुकेश मल्होत्रा बिकने वाला आदिवासी नहीं है इसके बाद पूरा चुनाव निकल गया, उन्होंने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया। वे हमारे लोगों को डराते धमकाते रहे।
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पटवारी बोले-अधिकारियों ने की जासूसी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को कहा कि लाडली बहना और किसानों से किए झूठे वादों की वजह से भाजपा 2023 में जीती थी। उसके बाद लोकसभा में साथ दिया। डर से कांग्रेस के लोगों ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। देश में पहली बार ऐसा हुआ कि सभी विभाग के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं की जासूसी की। सारी जानकारी भाजपा को दी, जिससे ब्लैकमेल किया गया। रामनिवास रावत के लूप-होल्स भी भाजपा के हाथ लग गए थे, इसलिए उन्होंने पार्टी बदल ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में जब से संविधान आया 50-50 करोड़ में विधायक खरीदे गए। छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में भी फर्जीवाड़े से टेबल पर महज 3 हजार वोट से कांग्रेस को हराया गया। भाजपा में दम है तो निर्मला सप्रे का इस्तीफा कराए और चुनाव में आए।



