कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल की महिला वॉलंटियर से यौन उत्पीड़न की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सहायक उप-निरीक्षक (ASI) कबीरुल इस्लाम को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दक्षिण कोलकाता के सुरुचि संघ पंडाल पर यौन उत्पीड़न
यह घटना 17 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 11:00 बजे से 11:30 बजे के बीच दक्षिण कोलकाता के न्यू अलीपुर स्थित सुरुचि संघ दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार पर हुई। 21 वर्षीय महिला वॉलंटियर, जो भीड़ प्रबंधन की ड्यूटी पर थी, के साथ आरोपी ASI ने कथित रूप से गलत तरीके से छेड़छाड़ की।
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इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।

फिर दर्ज हुई पुलिस में शिकायत और गिरफ्तारी
पीड़िता ने 18 अक्टूबर 2026 को न्यू अलीपुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2) के तहत केस नंबर 202 दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी कबीरुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है।
कबीरुल इस्लाम कोलकाता आर्म्ड पुलिस की 3rd बटालियन में ASI के पद पर तैनात हैं और उनकी उम्र 50 वर्ष बताई गई है।
आरोपी का पुलिस रिकॉर्ड और परिवार को सूचना
पुलिस ने आरोपी कबीरुल इस्लाम के परिवार को भी गिरफ्तारी की सूचना दी है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
कोलकाता पुलिस ने कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी महिला को उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
यह घटना कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग को बढ़ा रही है। खासकर महिला वॉलंटियर व स्वयंसेवकों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के उपायों पर गंभीर ध्यान देने की जरूरत है।
भीड़ प्रबंधन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर ऐसे घटनाएं होने की संभावना बढ़ जाती है, जो सामूहिक उत्सव की भावना को प्रभावित करती हैं।
यौन उत्पीड़न के खिलाफ कानून और उसकी भूमिका
भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2) के तहत यौन उत्पीड़न को अपराध माना जाता है। यह कानून महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अहम है।
इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू करना कानून की कार्रवाई का हिस्सा है, जो पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है।
आगे की कार्रवाई और सामाजिक चेतना का महत्व
पुलिस ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है और जल्द ही आरोप साबित होने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी ताकि ऐसे अपराधों को जड़ से मिटाया जा सके। दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना बेहद जरूरी है।



