आसमान छूती ईंधन कीमतें: हवाई किराए में बड़ी बढ़ोतरी के संकेत, यात्रियों पर बढ़ेगा बोझ
देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही महंगे किराए के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। इसकी बड़ी वजह विमानन टरबाइन ईंधन की कीमतों में आई अभूतपूर्व बढ़ोतरी है, जो बीते एक महीने में दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है।
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तेल कंपनियों द्वारा अप्रैल महीने के लिए जारी नई दरों के अनुसार, घरेलू उड़ानों के लिए जेट ईंधन की कीमतों में लगभग 115 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए करीब 107 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। रुपये की लगातार गिरती कीमत ने एयरलाइंस पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल दिया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी स्थिति चिंताजनक है। पहली बार जेट ईंधन की कीमत 1000 डॉलर प्रति किलो लीटर के पार चली गई है। एयरलाइंस की कुल लागत में जेट ईंधन का हिस्सा लगभग 40 से 45 प्रतिशत होता है। ऐसे में इस भारी बढ़ोतरी का सीधा असर हवाई किराए पर पड़ना तय है। बढ़े हुए किराए से यात्रियों की मांग में कमी आ सकती है, जिससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों में कटौती तक करनी पड़ सकती है।
पहले से ही संकट का सामना कर रही विमानन कंपनियों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण लंबी दूरी के मार्ग अपनाने की मजबूरी और अब ईंधन की रिकॉर्ड कीमतों ने उनके आर्थिक बोझ को और बढ़ा दिया है।



