👉 यह भी पढ़ें:
- विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने मिडिल ईस्ट के मुद्दे पर राज्यसभा में रखी बात, कहा-अर्मेनिया के रास्ते भारतीयों को ला रहे, क्रूड ऑयल पर सतर्क है भारत
- म्यूनिख में एस जयशंकर का दोटूक संदेश: रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता नहीं, फैसले भारत के हित में होंगे
- वैश्विक दक्षिण की चुनौतियों पर बोले एस. जयशंकर – बहुपक्षवाद खतरे में
- अमेरिका दौरे पर एस. जयशंकर और पीयूष गोयल, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर अहम बैठकें
- रूसी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद बोले एस जयशंकर-भारत नहीं, रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है चीन
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चीन यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और एससीओ सहयोग पर जोर
0:00 left
जी 7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए एस. जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर जी 7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। यह बैठक कनाडा के ओंटारियो में आयोजित की गई।

जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बैठक में हुई चर्चाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में समुद्री सुरक्षा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग, और बंदरगाह आधारित विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री के अनुसार, बैठक में भरोसेमंद और विविधीकृत समुद्री मार्गों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया। साथ ही, शिपिंग इन्फ़्रास्ट्रक्चर और समुद्री गलियारों को मजबूत करने के भारत के प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा, चर्चा में महत्वपूर्ण समुद्री इन्फ़्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा, समुद्री खतरों जैसे डकैती, तस्करी, और ग़ैरकानूनी मछली पकड़ने के मुद्दे शामिल थे। बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।



